Tikamgarh सांसद और विधायक की जंग सोशल मीडिया पर

Tikamgarh सांसद और विधायक की जंग सोशल मीडिया पर

टीकमगढ़ mp … सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का वीडियो…

भाजपा नेताओं का जंग बना सोशल मीडिया एक दूसरे पर लगा रहे हैं आरोप tikamgarh क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में tikamgarh विधायक और tikamgarh सांसद आमने सामने आ गए हैं जहां एक दूसरे ने एक दूसरे के ऊपर खुलकर के आरोप लगाए और क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक को छोड़कर के tikamgarh sansad और खरगापुर विधायक के साथ-साथ tikamgarh भाजपा के जिला अध्यक्ष चले गए थे इसके बाद tikamgarh sansad सांसद वीरेंद्र कुमार खटीक के निवास पर बैठक की और शाम को भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शुक्रवार की दोपहर क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में जो हुआ उसकी शिकायत उन्होंने पार्टी के उच्च पदाधिकारियों से की है इसके बाद अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है भाजपा विधायक tikamgarh के समर्थक तो वहीं खरगापुर विधायक सोशल मीडिया पर एक दूसरे के खिलाफ आग उगल रहे हैं और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं उधर tikamgarh भाजपा विधायक के समर्थक जहां tikamgarh sansad पर उंगली उठाते हुए लिख रहे हैं कि कोरोना संक्रमण काल में वह घर में बैठे रहे और लोगों के काम नहीं आए जबकि tikamgarh विधायक कोरोना संक्रमण काल में लगातार लोगों के बीच काम कर रहे हैं और tikamgarh सांसद को अपने लोकप्रिय विधायक की लोकप्रियता पसंद नहीं आ रही है इस कारण वह डिप्रेशन में आकर के इस तरह के कदम उठा रहे हैं वही खरगापुर विधायक अपने फेसबुक पर लिखते हैं कि क्राइसिस मैनेजमेंट में जो हुआ वह ठीक है और सांसद द्वारा उठाया गया सफाई कर्मियों का मुद्दा जायज था वह अपना पक्ष सांसद के पक्ष में रखते हुए कहते हैं कि सांसद हमेशा आम जन की आवाज उठाते हैं और उन्होंने क्राइसिस मैनेजमेंट में जो मुद्दा उठाया वह सही था और मैं सांसद और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित के साथ खड़ा हूं कह सकते हैं कि भाजपा की ए जंग सड़कों से होते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट से होते हुए सोशल मीडिया तक पहुंच गई है और सोशल मीडिया इन भाजपा नेताओं का अखाड़ा बन गया जहां पर अपनी-अपनी टिस निकाल रहे हैं लेकिन सांसदों के समर्थकों द्वारा अभी तक इस तरह का कोई बयान या सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया नहीं आई है इस मामले को लेकर के सबसे ज्यादा वर हमलावर राकेश गिरी के समर्थक दिख रहे हैं जो सोशल ग्रुप व्हाट्सएप ग्रुप में और फेसबुक पर सांसद के खिलाफ लगातार लिख रहे हैं ……… tikamgarh शहर की सड़कों पर डामरीकरण और जिला अस्पताल में सप्लाई में एक दूसरे को आमने सामने कर दिया खड़ा……… भाजपा में गुटबाजी सड़कों और सोशल मीडिया पर आने की मुख्य वजह tikamgarh शहर की सीसी सड़कों पर डामरीकरण के साथ-साथ टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में दवाइयों की सप्लाई में लाखों रुपए के घोटाले से जुड़ा हुआ है जहां पर दोनों गुटों की निगाह थी ऐसा नहीं है कि सिर्फ राकेश गिरी के समर्थक की सप्लाई कर रहे हैं या रोड का निर्माण करा रहे हैं tikamgarh के अन्य भाजपा नेता भी इसमें इंवॉल्व हैं लेकिन उन्हें कमीशन न मिलने के कारण इस गुटबाजी का कारण बनी है सूत्र बताते हैं की जिला अस्पताल में दवाइयों की सप्लाई में 2 विधायकों का हाथ था लेकिन जब कमीशन को लेकर बात आई तो एक ने पूरा कमीशन खा लिया जिस कारण से एक दूसरे में तलवारें खिंच गई और एक दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिखना शुरू कर दिया कुछ वजह tikamgarh शहर की सीसी रोड ऊपर नियम विरुद्ध डामरीकरण करा करके करोड़ों रुपए हड़पने का भी मामला है आरोप tikamgarh विधायक पर आरोप लगते रहे हैं जबकि नियमानुसार सीसी रोड पर डामरीकरण का नहीं कराया जा सकता है लेकिन समर्थक विधायक के काम कर रहे हैं तो निश्चित है कि दूसरे विधायकों और नेताओं को रास नहीं आ रहा है जिसकी मुख्य वजह बनी क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक जहां पर एक दूसरे पर भड़ास निकालने लगे यानी कि कह सकते हैं कि भ्रष्टाचार में भाजपाई डूबे हुए हैं जब किसी को कमीशन कम मिला तो एक दूसरे की टांग खींचने लगी और जिसका खामियाजा भुगतेगा टीकमगढ़ जिला।

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