सत्तू के नाम पर बच्चों को कच्चा आटा?

सत्तू के नाम पर बच्चों को कच्चा आटा?

दुर्गेश शिवहरे( छतरपुर )मध्यप्रदेश सरकार में मंसूबो पर पानी फेरते महिला बाल विकास विभाग अधिकारी  एक तरफ  सरकार द्वारा कोविड 19 वायरस के चलते आंगनवाड़ी के बच्चो के लिए पोषण आहर के नाम पर सरकार ने करोडो रु खर्च किया ताकि गर्भबती महिलाओ सहित बच्चो को पोषण आहार मिल सके और मध्यप्रदेश की  शिवराज  सरकार ने तय किया कि बच्चो को पोषण आहार के रूप सत्तू दिया जाये मगर बच्चो की बदनसीबी कहा जाए या सरकार की नाकामी बच्चो को सत्तू तो हाथ नहीं लगा उसके एवज में सिर्फ कच्चा आटा हाथ लगा जिसे देख बच्चो के सेहत को देखते हुए बच्चो के परिजनों ने वह पोषण आहार जानवरो को खिला दिया। 
जब इस मामले की पड़ताल की गई तो कुछ ऐसी तस्वीरें जिसे देख आप हैरान हो जायेगे की बच्चे सत्तू के नाम से बटने बाले पोषण आहार के नाम कच्चा आटा जिसमे नाम मात्र की शक्कर व् कुछ चने का आटा हे ऐसे मौसम में अगर बच्चे इस पोषण आहार को लेते है तो निश्चित तौर बच्चे बीमार पड़ जायेगे जब इस मामले में आगनवाड़ी सहायिका से बात की तो उन्होंने भी हैरान करने बाला जबाब दिया की जो सत्तू के नाम पर आया था वही बाटा है और गर्भवती महिलाओ की बात की जाये तो कुछ आंगनवाडियो में तो कुछ नहीं मिला जिन आंगनवाडियो ने बाटा भी हे तो वो यह कच्चा आटा 

महिलाओ ने बताया की आंगनवाड़ी से जो सत्तू के नाम पर कच्चा आटा दिया गया अगर वह बच्चो को खिलाया जायेगा बच्चो की तबियत बिगड़ जाएगी तो क्या होगा इसलिये ये पोषण आहार जानवरो को खिला दिया। 

 
वही बीजेपी विधायक का आरोप हे की कार्यक्रम अधिकारी संजय जैन द्वारा इस पोषण आहार में भ्रस्टाचारी की हे बच्चो को जो सत्तू वितरण होना था वह नहीं बाटा पोषण आहार वितरण ठेकेदार से साठ -गाँठ इन मासूम नौनिहालों को कच्चा आटा वटवा दिया गया जिसकी शिकायत मेरे द्वारा सम्बन्ध्ति अधिकारी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के समक्ष की गई हे वहीं  जिला कलेक्टर की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगते हुये की इस मामले की शिकायत मेरे द्वारा की गई थी मगर ये जाँच अपर कलेक्टर को सौप दी गई जिसकी जाँच आज तक नहीं आई
-वही जब इस मामले को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष से बात की तो उन्होंने बताया मुझे भी कुछ महिलाओ द्वारा अवगत कराया गया हे कि छोटे छोटे बच्चो को पोषण आहार के नाम कच्चा आटा दिया जा रहा  जो की बहुत गलत हे इसके खाने से बच्चो को लूज मोसन भी हो सकता यह गलत हे  जिसकी जाँच करवाकर उचित कार्यवाही की जावेगी।  जिला महिला बाल विकास अधिकारी कहते हैं कि अभी तक उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई है

 

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