वैक्सीन के भय से गांव हुआ खाली?

वैक्सीन के भय से गांव हुआ खाली?

टीकमगढ़ मध्य प्रदेश ……कोविड बैक्सीन के भय से गांवहुए खाली घरों में लटक रहे हैं ताले लोगों ने किया महानगरों के लिए पलायन सुनकर के चौंकिए नहीं हकीकत है टीकमगढ़ जिले के गांव चोपरा की टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत परा इसी पंचायत के अंतर्गत आता है गांव चोपरा जहां करीब 240 परिवारों ने गांव से पलायन कर महानगरों की चले गए सुनिए गांव की महिला को

हैं ग्रामीणों का कहना है की covid-19 वैक्सीन के कारण क्षेत्र में मौतें हो रही हैं और इसके साथ ही लोग नपुंसक बन रहे हैं लोगों में बैठे इस तरह की अफवाह ने अब उन्हें महानगरों की ओर जाने के लिए मजबूर कर दिया है एक तरफ जहां वैक्सीन को लेकर भारत में सियासत का पारा आसमान पर छू रहा है कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं वही बुंदेलखंड के इस अंचल में लोग कोरोना बेक्सिन के भय से पलायन करने लगे हैं ग्राम पंचायत परा के अंतर्गत आने वाले चोपरा गांव में करीब 80 पर्सेंट आबादी पलायन कर गई है गांव में सिर्फ बचे हैं बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं ग्रामीण बताते हैं कि उनके गांव में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जबरन लोगों को परेशान किया जा रहा है जिससे लोग पलायन कर के महानगरों की ओर चले गए हैं इस गांव में अधिकांश रैकवार समाज के लोग रहते हैं घरों में लटकते तालेऔर पसरा सन्नाटा इस बात का गवाही दे रहा है कि इस गांव में कोविड-19 वैक्सीन का कितना दहशत है गांव के रहने वाले राम लखन कहते हैं कि मेरे गांव में कोविड-19 वैक्सीन लेने के कारण 4 लोगों की मौत हो गई है जिस कारण से लोग पलायन कर गए हैं गांव की रहने वाली 60 वर्षीय mahila पार्वती कहती हैं कि कोरोना वैक्सीन के इंजेक्शन लगने के बाद लोगों की मौत हो रही है जिस वजह से हमारे गांव के 240 परिवारों के सदस्य अपने अपने घरों में ताले लगाकर के महानगरों में काम करने के लिए निकल गए हैं……………… टीकमगढ़ जिले के जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ पीके माहोर कहते हैं कि बड़ागांव ब्लाक के अंतर्गत 78 ग्राम पंचायतें आती हैं जहां वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में लोगों में उत्सुकता थी और करीब कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज 15000 लोगों ने लिया लेकिन सेकंड डोज आते-आते इसमें लगातार गिरावट हो गई और 15 मई तक मात्र 964 लोगों ने कोविड-19 का सेकंड डोज लिया है निश्चित ही ग्रामीणों के अंदर दहशत और अफवाह के चलते अब ग्रामीण वैक्सीन का दूसरा डोज लेने नहीं आ रहे हैं उन्होंने कहा कि मात्र 6 परसेंट लोगों ने ही कोविड-19 का सेकंडडोज लिया है ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चिंता जगजाहिर है लोगों के अंदर बैठे भ्रम को दूर करने के लिए लगातार स्वास्थ्य विभाग पुलिस और राजस्व विभाग मिलकर के लोगों को समझाश दे रहा है लेकिन बड़ागांव ब्लाक में लोग सेकंड लेने के लिए नहीं आ रहे हैं अगर उन लोगों को समझाने का प्रयास किया जाता है तो ग्रामीण मारने पर उतारू हो जाते हैं…………. mohangad क्षेत्र में कराया मामला दर्ज टीकमगढ़ जिले की तहसील मोहनगढ़ के कौड़िया और मोगना गांव में भी वैक्सीन को लेकर विवाद हुआ है जहां पर एएनएम द्वारा 2 लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला भी मोहनगढ़ पुलिस थाने में दर्ज कराया गया है मामला दर्ज कराने वाली एएनएम नीलम तिवारी कहती हैं कि जब गांव में वैक्सीनेशन के लिए टीम पहुंची तो ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया और कहा कि यहां पर मौतें हो रही हैं अगर तुम लोगों ने वैक्सीनेशन किया तो हम तुम लोगों को डंडों से मारकर भगा देंगे उन्होंने कहा कि दहशत का माहौल है और दहशत के बीच हम लोग काम कर रहे हैं क्योंकि ग्रामीण लगाता कोविड-19 वैक्सीन लेने से मना कर रहे हैं ऐसे में विवाद की स्थिति बनती है जिस कारण से मोगना और कौड़िया गांव के लोगों द्वारा गाली-गलौज जान से मारने और शासकीय रिकॉर्ड को ध्वस्त किया गया जिस कारण से मोहनगढ़ पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया गया है

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