बेसहारे का सहारा बनी मानवीय संवेदना समिति

बेसहारे का सहारा बनी मानवीय संवेदना समिति

टीकमगढ़। बेसहारों का सहारा बनना सबसे पुनीत कार्य है यदि आप मे समाजसेवा के भाव हैं तो ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए जो असहाय हैं जिनका कोई नही है और जो समाज की मुख्य धारा से नही जुड़ पाए हैं यह विचार आज मानवीय संवेदना समिति के सचिव मनीराम कठैल ने व्यक्त किए।

आज समिति द्वारा ग्राम नयाखेरा के एक गरीब बालक जिसके सिर से पिता का साया पाँच साल की उम्र में उठ गया था, जो अपने गांव से टीकमगढ़ पैदल आकर अमरूद और बेर बेचता है उसको आज मानवीय संवेदना समिति द्वारा एक साईकिल प्रदान की गई।

समिति के प्रवक्ता विनोद राय ने बताया कि ग्राम नयाखेरा का यह लड़का जिसका नाम रीतेश यादव है वह कुछ दिनों पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता मनीराम कठैल को बाजार में बेर बेचते हुए मिला और बातचीत के दौरान बताया कि वह नयाखेरा गांव का उसके पिता नही और वह रोज पैदल अपने गांव से टीकमगढ़ आकर बेर बेचता है अगर उसे आने जाने के लिए एक साईकिल मिल जाये तो उसे काफी सुविधा हो जायेगी तब मनीराम कठैल ने उसे साईकिल दिलाने का आश्वासन दिया था और आज समिति के सहयोग से उसे एक साईकिल दी गई। साईकिल पाकर रीतेश ने कहा कि वह बहुत खुश है उसे अब अपने काम के लिए पैदल नही आना पड़ेगा, समिति ने उसकी आगे भी मदद करने का भरोसा दिलाया है।
इस अवसर पर के.एल. टेलर, कमलेश कठैल, यशोवर्धन नायक, नरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, मदन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

टीकमगढ़ ताजा खबर