पिंक सिटी की तर्ज पर ओरछा

पिंक सिटी की तर्ज पर ओरछा

पुष्पेंद्र सिंह ओरछा। म.प्र. की कमलनाथ सरकार श्रीरामराजा की नगरी ओरछा को नया लुक देने की तैयारी में है। पिंक सिटी जयपुर की तर्ज पर अब ओरछा को क्रीम सिटी बनाया जा रहा है। सरकार के प्लान के अनुसार ओरछा के हर मकान, दुकान और होटल को क्रीम रंग में रंगा जा रहा है और सभी प्रतिष्ठानों पर एक-एक तरह के बोर्ड लगाए जाना शुरू हो गए हैं। साथ ही सड़क, नाली व शौचालयों के साथ पार्कों को भी विकसित किया जा रहा है।

नमस्ते ओरछा महोत्सव से पहले राम राजा की ये नगरी नए रंग में रंगी होगी। सरकार इसे न्यू लुक दे रही है। साथ ही सरकार ने श्री रामराजा मंदिर के लिए एक नया मास्टर प्लान तैयार किया है। जिसमें में मंदिर की भव्यता अलग ही दिखाई देगी। 6 मार्च से होने वाले इस महोत्सव का प्रचार-प्रसार भी सरकार विदेशों में भी करवा रही है। जिससे अधिक से विदेशी सैलानी महोत्सव को देखने पहुंचे।

ओरछा की ब्रांडिंग: मप्र सरकार की मंशा अनुसार ओरछा में 6 से 8 मार्च तक नमस्ते ओरछा महोत्सव पहली बार होने जा रहा है। इसके पीछे मकसद यही है कि ओरछा की खूबसूरती और हेरिटेज सिटी के बारे में लोग ज़्यादा से ज्यादा जान सकें। कमलनाथ सरकार इस नगरी को नयी पहचान देने में लगी है। ओरछा धार्मिक नगरी है। इसलिए यहां धार्मिक पर्यटन को तो बढ़ावा दिया ही जाएगा, उसके साथ फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी इसे विकसित करने की योजना तैयार की गई है।

ओरछा के स्मारकों का हो रहा है सुधार: धार्मिक एवं पर्यटन नगरी में आगामी मार्च माह में होने वाले नमस्ते ओरछा महोत्सव के मद्देनजर नगर के करीब 15 पुरातत्वीय स्मारकों स्मारकों को करीब डेढ़ करोड़ की लागत से सुधारा जा रहा है। पर्यटन नगरी में मौजूद करीब 54 स्मारकों में से प्रथम श्रेणी के ऐतिहासिक स्मारक राजा महल जहांगीर महल, लक्ष्मी मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, राय प्रवीण महल एवं बेतवा नदी किनारे स्थित बुंदेला राजाओं की छतरियों सहित करीब 15 ऐतिहासिक इमारतों को उन पर लगी काई पौधों को हटाकर साफ सफाई के साथ सुधार कार्य किया जा रहा है।

ओरछा महोत्सव के जरिए बुंदेली संस्कृति के साथ राज्य की विविध संस्कृतियां एक मंच पर आएंगी और एक सुंदर प्रदर्शन के साथ ही महोत्सव में कलाकार मप्र की छिपी हुई धरोहर से परिचित करवाएंगे।

इस दौरान होने वाली आकर्षक गतिविधियों में लोकप्रिय कलाकारों और प्रतिभागियों के साथ ही नई प्रतिभाओं को भी प्रदर्शन का मौका मिलेगा। महोत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए ग्राम और फार्म पर ठहरने की सुविधा दी जाएगी। जिससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। इस तीन दिवसीय फेस्टिवल में म्यूजिक, आर्ट, वैलनेस, ट्रेवल, नेचर, एडवेंचर, हिस्ट्री और कल्चर से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।

टूरिस्ट के साथ वेडिंग डेस्टिनेशन भी बनेगा

सरकार का फोकस केवल तीन दिन तक चलने वाले ओरछा महोत्सव पर ही नहीं है, बल्कि ओरछा पर हमेशा के लिए है। जिससे साल भर यहां पर्यटक आएं और पर्यटन बढ़े। मप्र पर्यटन विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यहां गोल्डन ट्राइंगल बनाया जा रहा है। जिससे दिल्ली,एनसीआर के लोग सीधे ओरछा का रूख करें। गंगा आरती की ही तरह ओरछा में बेतवा के किनारे बेतवा आरती शुरू कर दी गई है। लोकल पर्यटकों को आकर्षित करना मुख्य लक्ष्य है। उसके बाद विदेशी पर्यटकों को और अधिक संख्या में ओरछा लाने की तैयारी चल रही है। बेतवा में अब रिवर राॅफ्टिंग भी शुरू की जा रही है। जिससे यूथ ज्यादा से ज्यादा संख्या में यहां आएं

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