पत्रकारों ने उठाई उत्पीड़न के खिलाफ आवाज

पत्रकारों ने उठाई उत्पीड़न के खिलाफ आवाज

महेश अवस्थी हमीरपुर। हमीरपुर के पत्रकारों ने मिर्जापुर में जिलाधिकारी द्वारा वहां के दो पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में आज प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन दिया। राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में कहा गया है कि 22 अगस्त को मिड्ड-डे-मील में बच्चों को को नमक-रोटी दी गई थी, जिसकी खबर छापे जाने पर जिला प्रशासन ने पत्रकारों को हतोत्साहित करने और उनकी आवाज दबाने के लिये प्रेस की आजादी के खिलाफ कदम उठाया। पत्रकारों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने और डीएम, सीडीओ के तबादलने की मांग की है। पत्रकार पवन कुमार के खिलाफ दर्ज मुकदमा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर प्रेस की स्वतंत्रता को बरकरार रखने में सहयोग की आकांक्षा की है। पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने को भी कहा गया है। मिर्जापुर जिले के एक अन्य प्रकरण में हिन्दुस्तान संवाददाता कृष्ण कुमार सिंह को समाचार संकलन करते समय पुलिसकर्मियों ने अकारण उनकी पिटाई कर दी थी जिसका मुकदमा तो दर्ज है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। इसमें भी उचित कार्यवाही की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में ग्रापाए के जिलाध्यक्ष गणेश विद्यार्थी, प्रेस क्लब के अध्यक्ष पीडी दीक्षित, प्रवीण दीक्षित, शशिकान्त, हरिमाधव मिश्रा, पंकज, अनिल सोनी, महेश अवस्थी आदि मौजूद रहे।

बालिका शिक्षा के लिये जरूरी है जागरूकता

हमीरपुर। समर्थ फाउण्डेशन के द्वारा आरटीई फोरम के साथ मिलकर मौदहा में कार्यशाला की, जिसमें 15 गांव के समर्थ नारी संघ मलाला गल्र्स, एसएमसी व पंचायत के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। संजीव सिन्हा ने शिक्षा के अधिकार की कानूनी जानकारी बताई तो समर्थ फाउण्डेशन के देवेन्द्र गांधी ने कहा कि सभी लड़कियों को शिक्षा जरूरी है, हर लड़की पढ़ सके, इसके लिये सभी को सार्थक प्रयास करने होंगे, क्योंकि एक शिक्षित बालिका दो घरों में उजियारा फैलाती है। दूर्गेशचन्द्र, महेश कुमार, महेश्वरी, देशराज, हनुमान, फूल सिंह, चन्द्रभान, सालू, शिवरानी, कुमकुम, रूपा, सोम श्री, नित्या, बदली, रामजी ने गांव से आकर कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी की।

हैण्डपम्प खराब, 06 माह से, कोई नहीं सुनता
हमीरपुर। तहसील रोड पर नगर पालिका के योग साधना केन्द्र के बाहर लगा हैण्डपम्प पिछले छह माह से खराब है, जिससे यहां आने-जाने वालों को पीने के पानी की दिक्कत होती है तो स्थानीय पड़ोसी दुकानदार भी परेशान हैं। इस रास्ते पर जजी, तहसीली और डाक बंगला पड़ता है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग घरों से खाना लेकर चलते हैं और यहां बैठकर खाना खाते है, मगर उन्हें पीने का पानी मुहैया नहीं होता है। हालांकि स्थानीय लोगों ने नगर पालिका चेयरमैन, एसडीएम सदर, जल संस्थान के अधिकारियों को व्यथा सुनाई है, मगर उनकी आवाज नक्कार खाने में तूती के समान दबकर रह गई है। बदलते मौसम में दोपहर की तीखी धूप के बाद पीने के पानी के लिये लोग बिलबिलाते घूमते हैं। यहां पड़ोस में काफी दूर तक हैण्डपम्प न होने से नागरिकों को बेहत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हमीरपुर विकासमंच ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि नागरिकों की समस्या को देखते हुये इस हैण्डपम्प को प्राथमिकता पर ठीक करायें ताकि स्थानीय जनता लाभान्वित हो सके।

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