डिलेवरी के दौरान शिशु की मौत,डॉक्टर बोली ऊपरी प्रेत बाधा ?

डिलेवरी के दौरान शिशु की मौत,डॉक्टर बोली ऊपरी प्रेत बाधा ?

टीकमगढ़ डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत डॉक्टर ने कहा ऊपरी बाधा से हुई है मौत क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि इस वैज्ञानिक युग में एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर अपनी असफलता छिपाने के लिए पीड़ित पक्ष को यह जवाब भी दे सकता है ऐसा ही एक मामला टीकमगढ़ शहर में सामने आया है टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन एरिया में आयुष्मान नर्सिंग होम के नाम से डॉक्टर मांडवी साहू नर्सिंग होम संचालित करती हैं टीकमगढ़ चकरा तिगेला निवासी श्रीमती ज्योति सिंह जब प्रेग्नेंट हुई तो उन्होंने रूटीन चेकअप मांडवी साहू के यहां कराया लेकिन बीती रात जब डिलीवरी कराने गई तो नवजात की मौत हो गई मांडवी साहू ने सीजर ऑपरेशन करके डिलीवरी की लेकिन वह नवजात को नहीं बचा सके पीड़ित परिजनों से मांडवी साहू का कहना था कि आपके बच्चे को ऊपरी बाधा हो गई है इस तरह का बयान सुनकर के परिजन भी हक्का-बक्का रह गए नवजात की मौत की खबर आती ही परिजनों ने डॉक्टर लापरवाही लगाने करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और कहा कि जब हर माह चेक हो रहा था तो आखिरकार मासूम नवजात की मौत कैसे हो गई सवाल था जो सबको परेशान कर सकता था डॉ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है………. नसबंदी ऑपरेशन में हुई थी महिला की मौत………. जब मांडवी साहू जिला चिकित्सालय में पदस्थ थी पलिया नगर में नसबंदी कैंप का आयोजन किया गया था जहां पर गलत इंजेक्शन के कारण महिला की मौत हो गई थी इनका विवादों से दामन चोली का साथ रहा है जिसको लेकर के पुलिस ने मामला दर्ज किया था जो आज भी न्यायालय में विचाराधीन है………… कैसे मिल गया लाइसेंस…… जब इनके खिलाफ एफ आई आर होती है और मामला न्यायालय में पहुंच जाता है तो ऐसी में किसी भी डॉक्टर को प्राइवेट नर्सिंग होम संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाती है लेकिन सीएमएचओ कहती हैं कि मामला न्यायालय में है इसलिए उन्हें लाइसेंस दिया गया है इसके पहले भी वह कई मामलों में रह चुकी है उनकी चर्चाएं शहर के हर व्यक्ति के जवान पर रही है……… नियमों को दरकिनार हो रहा है नर्सिंग होम का संचालन…….. नर्सिंग होम की बात करें तो नर्सिंग होम नियमो को दरकिनार कर संचालित हो रहा है एक नर्सिंग होम के लिए जो सुविधाएं जो मापदंड तय किए गए हैं वह इस नर्सिंग होम पर लागू नहीं होते हैं …..क्यों नहीं होती है कार्यवाही…. सबसे बड़ा सवाल यह के सामने आता है कि जब आयुष्मान नर्सिंग होम नियमों का पालन नहीं कर रहा है उसकी संचालिका के ऊपर मामला न्यायालय में विचाराधीन है ऐसे में जिला प्रशासन के अधिकारी क्यों कार्यवाही नहीं करते हैं वह सवाल है जो हर कोई जानना चाहता है लेकिन अधिकारियों की जुबान पर ताला लगा है कहीं ना कहीं कह सकते हैं कि इस पूरे प्रकरण में उच्च पदों पर बैठे लोग निश्चित ही अपनी पॉकेट को गर्म कर रहे हैं…… आयुष्मान निजी नर्सिंग होम की संचालिका डॉक्टर मांडवी साहू कहती हैं कि मैंने कोई तंत्र विद्या की बात नहीं कही है जहां तक नवजात की मौत का मामला है तो वह पेशेंट का पहले से ही बीपी बढ़ा हुआ था और जब मेरे नर्सिंग होम में लाए तो पेट में शिशु की मौत हो चुकी थी मैंने सीजर ऑपरेशन करके पेट में मृत शिशु को निकाल दिया है और पेशेंट की हालत ठीक है शराब के नशे में परिजन नाटक कर रहे हैं

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