छात्रावास में छात्राओं को नहीं मिली गणवेष विमार होने पर भेज देते है घर

छात्रावास में छात्राओं को नहीं मिली गणवेष विमार होने पर भेज देते है घर

छात्रावास में छात्राओं को नहीं मिली गणवेष विमार होने पर भेज देते है घर
टीकमगढ जिले का कस्तूरवा गांधी छात्रावास गोर जहां रहने वाली छात्रायें नारकीय जीवन जीने को विवष है शासन से मिलने वाली सुविधाओं से मरहूम है छात्रायें षिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं करते है कोई कार्यवाही वार्डन रहती है अधिकाष लापता अभी तक छात्राओं को नहीं मिली गणवेष।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सांसद और केन्दीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक द्वारा गोद लिये गांव गोर में शासन द्वारा संचालित कस्तूरवा गांधी बालिका छात्रावास में अनियमिताओं का अमाबार लगा हुआ है सत्र शुरू हुए तीन माह का समय बीत चुका है लेकिन बालिकाओं को मिलने वाली गणवेष और छात्रावास मे मिलने वाली सुविधाऐ अभी तक नहीं मिली है जिससे छात्राऐं परेषान है छात्राओं के परिजन इसकी षिकायत भी कई वार कर चुके है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है
वीमार होने पर भेज देते है घर……………………………….
इस छात्रावास में रहने वाली छात्राऐं अगर वीमार होती है तो इलाज कराने की जगह उनकों घर छोड दिया जाता है करीब आठ दिन पहले कक्षा 6 की छात्रा बबीता केवट बीमार हुई थी जिसका इलाज कराने की जगह स्टाप द्वारा उसे घर भेज दिया था जहां उसके माता पिता द्वारा इलाज कराया गया एक सप्ताह घर रहने के बाद यह छात्रा छात्रावास में आई यह कोई पहली लडकी नहीं थी इसके पहले भी कई छात्राऐ बीमार हुई और उन्हे घर भेज दिया गया
बार्डन रहती है लापता……………………………………….
इस छात्रावास की बार्डन के पद पर जतारा की रहने वाली श्री मति ऊषा पाठक है जो सप्ताह में एक या दो दिन चक्कर काटने छात्रावास आती है गोर गांव के रहने वाले मोहन का कहना है कि मेडम कभी कभार 10 .15 मिनिट के लिए आती है और चली जाती है
क्या कहते डीपीसी………………………….
टीकमगढ जिले के डीपीसी हर्षचन्द्र दुवे कहते है कि इसमे मेरी कोई जाबावदारी नहीं है गणवेष वितरण का कार्य छात्रावास की कमेटी करती है।

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