क्वॉरेंटाइन सेंटरों में मजदूरों और उनके बच्चों की हालत जानवरों से भी बदतर

क्वॉरेंटाइन सेंटरों में मजदूरों और उनके बच्चों की हालत जानवरों से भी बदतर

मनीष यादव पलेरा:- क्वॉरेंटाइन सेंटरों में रह रहे मजदूरों की हालत जानवरों से भी बदतर शिकायत के बाद भी अधिकारियों की मदमस्त हो रही है चाल जनता के नुमाइंदे और प्रशासन के नौकरशाह देख रहे हैं गरीब मजदूरों का तमाशा आखिर इनका दोष क्या है नगर के शासकीय मॉडल स्कूल पलेरा में क्वारेटाइन दिहाड़ी मजदूर को प्रशासन द्वारा घटिया किस्म का भोजन दिया जा रहा है जिसमें गुणवत्ता का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे मजदूरों की हालात बद से बदतर होते नजर आ रहे हैं और उन्हें समय पर भोजन न मिलने के कारण उनमें आक्रोश देखा गया है तो वहीं प्रशासन से बार-बार मजदूरों द्वारा व्यवस्थाओं को दुरस्त कराने की मांग की जा रही है नगर के स्थानीय मॉडल स्कूल में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में बूदौर, टोरिया, बम्होरी कलां तथा अन्य गांव के करीब 40 लोगों को रोका गया है। क्वारेंटाइन किए गए लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि सेंटर पर न तो पीने के लिए पानी और खाना की उचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा बार-बार बिजली गुल और साेने के लिए पलंग तक की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। सुमन रविंद्र काछोरा अखिलेश सुनीता देवी बाल किशन बीरबल राय खेरा अहिरवारटाेरिया निवासी शैलेंद्र गुप्ता, अर्चना गुप्ता, सोनू अहिरवार टोरिया ने बताया कि इस संबंध में तहसीलदार डॉ. अनिल गुप्ता से शिकायत करने के बाद भी व्यवस्थाओं में अब तक कोई सुधार नहीं किया गया है। ऐसे में सेंटर में रूक बच्चे, बुजुर्ग और अन्य लोग भूख, गर्मी और पीने के पानी के लिए परेशान हो रहे हैं।

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