अवैध रेत  :-सत्ता के टुकड़ों पर कुत्ते की तरह दुम हिलाते आलाअधिकारी ?

अवैध रेत :-सत्ता के टुकड़ों पर कुत्ते की तरह दुम हिलाते आलाअधिकारी ?

धसान नदी का सीना छलनी कर रहे हैं सत्ता के नेता ( मनीष यादव,पलेरा…). टीकमगढ़/ पलेरा:- किसी ने कहां है कि राम नाम की लूट है और लूट सके तो लूट अंत समय पछताएगा जब प्राण जाएंगे छूट!! जब सत्ता दल से जुड़े हुए एक बड़े नेता के छोटे भाई अवैध रेत की मलाई खा रहे हैं लेकिन सवाल यही है धंधे और व्यापार में सत्ता जिसके पक्ष में होती है उसी की तूती बोलती है धसान नदी का घाट अवैध तरीके से चलाया जा रहा था जिस पर कुछ समय पहले एसडीएम तहसीलदार और प्रशासनिक अमले की कार्यवाही देखने को मिलती थी सरकार के बनते ही गौना करौला रेत खदान पर नेताओं का कब्जा हो गया है लेकिन एसडीएम तहसीलदार ने अवैध तरीके से रेत निकासी को लेकर छापामारी कार्यवाही की थी प्रशासन की इस कार्यवाही से घाट कुछ दिनों के लिए बंद रहा लेकिन सत्ता के आगे प्रशासन आखिर क्या करें सत्ता की बागडोर उनके हाथों में है पूर्व में यह खदान पूर्व विधायक के इशारे पर संचालित की जाती थी अवैध व्यापारओं में क्या कांग्रेस और क्या भाजपा बंदरबांट की राजनीति की जाती है ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा क्षेत्र के गौना करौला घाट पर देखने को मिल सकता है जहां सत्ता के एक नेता द्वारा समंजस बैठा कर अवैध तरीके से रेत निकासी की जा रही है बड़ी-बड़ी एलएनटी मशीनों एवं पनडुब्बियों के सहारे रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है सत्ता के नशे में राजस्व को लाखों करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है अवैध तरीके से रेत का व्यापार किया जा रहा है स्वीकृत खदान को छोड़कर नेताओं द्वारा अवैध रेत पनडुब्बियों के सहारे निकाली जा रहे हैं पिछले 3 दिनों से रेत निकासी का सिलसिला जारी आखिर में देखना होगा कि इस बार प्रशासनिक अमला कहीं मैंनेज तो नहीं हो रहा है आखिरकार सवाल यही है कि ईमानदार 1 ट्रेनी आईएएस और जिले के कलेक्टर इस पर क्या कार्यवाही कर सकते हैं या फिर प्रशासन लीपापोती करके ही मामले को निपटा देगा , जिस संवैधानिक पदों पर जिले के आला अधिकारी बैठी है उनकी कार्यप्रणाली को देख कर तो नहीं लगता है कि वह कार्यवाही करेंगे

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