3 शावकों के जन्म से गुलजार हुआ पन्ना।

तीन शावकों के जन्म से फिर गुलजार हुआ पन्ना
0 अपने शावकों के साथ चन्द्रनगर परिक्षेत्र में दिखी बाघिन पी-222
0 नये मेहमानों के आने से पन्ना टाईगर रिजर्व में खुशी का माहौल

पन्ना,पन्ना। बाघों से आबाद हो चुके म.प्र. के पन्ना टाईगर रिजर्व से फिर खुशखबरी आई है। यहां बाघिन पी-222 ने तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है। नये मेहमानों के आने से पन्ना टाईगर रिजर्व में खुशी का
माहौल है। क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व के.एस. भदौरिया ने जानकारी देते हुये आज बताया कि चन्द्रनगर वन परिक्षेत्र में बाघ अनुश्रवण दल व रेन्ज आफीसर द्वारा बाघिन पी-222 को अपने नन्हे शावकों के साथ चहल-कदमी करते हुये देखा गया है।
उल्लेखनीय है कि पन्ना टाईगर रिजर्व में जन्मी व पली-बढ़ी बाघिन पी-222 बाघ पुनस्र्थापना योजना के तहत मार्च 2009 में कान्हा टाईगर रिजर्व से लाई गई बाघिन टी-2 की संतान है। बाघिन टी-2 को पन्ना टाईगर रिजर्व की सफलतम रानी कहा जाता है, क्योंकि यहां जन्मे बाघों के कुनबे में एक तिहाई कुनबा अकेले इसी बाघिन का है। बाघों की वंशवृद्धि में कान्हा की बाघिन टी-2 का अभूतपूर्व योगदान रहा है। इसी बाघिन की दूसरे लिटर की दूसरी संतान बाघिन पी-222 है, जिसने अपने तीसरे लिटर में तीन शावकों को जन्म देकर पन्ना टाईगर रिजर्व को फिर गुलजार कर दिया है। इन नये मेहमानों के
आगमन से पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघों की संख्या में भी वृद्धि हो गई है।

तीन माह के प्रतीत हो रहे शावक

क्षेत्र संचालक पन्ना टाईगर रिजर्व श्री भदौरिया ने बताया कि बाघिन पी-222 का रेडियो कॉलर विगत 6-7 माह से खराब था, जिसके कारण इस बाघिन के सिगनल प्राप्त नहीं हो रहे थे। पार्क में बाघिन की मौजूदगी के प्रमाण
उसके पग मार्क से मिलते रहे हैं। श्री भदौरिया ने बताया कि गत दिवस बाघ अनुश्रवण दल जब चन्द्रनगर वन परिक्षेत्र में भ्रमण कर रहा था, उसी दौरान बाघिन पी-222 अपने तीन नन्हे शावकों के साथ चहल-कदमी करते हुये देखी गई। वन कर्मचारियों ने खुशी के इन क्षणों का वीडियो भी बनाया है। शावकों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वे लगभग 3 माह के हो चुके हैं।
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Arun Singh Panna

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