शख्सियत के बुंदेलखंड ….(कलेक्टर बी चंद्रकला के चेहरे से उतारा भ्रष्टाचार का नकाब…)…आज हम आपको रूबरू करा रहे हैं बुंदेलखंड की ऐसी शख्सियत से जिसनेअपने आपको ईमानदार कहने वाली कलेक्टर के चेहरे से उतार दिया भ्रष्टाचार का चेहरा कलेक्टर ही नहीं नेता अधिकारी और जिसकी आंच पहुंची है पूर्व मुख्यमंत्री के ऊपर भी ………जी हा आप ने सोशल मीडिया पर देखा होगा और नाम सुना होगा टेलीविजन पर भी …….एक ऐसी आईएएस जिसका नाम है बी चंद्रकला ईमानदारी का चोला ओढ़कर दिन में 10 बार कपड़े बदलने वाली इस कलेक्टर की भ्रष्टाचार का मुखौटा जब जनता के सामने आया तो लोगों की आंखें फटी की फटी रह गई इस भ्रष्ट कलेक्टर के चेहरे से नकाब उतारा बुंदेलखंड की उस शख्सियत ने जो अपने लिए नहीं बल्कि उन लोगों के लिए जीता है जिनका सत्ता और शासन में बैठे लोगों को कोई नहीं होता है उस शख्सियत का नाम है विजय द्विवेदी पेशे से वकील हैं …………जीवन परिचय ……………………30 जून 1970 को बुंदेलखंड के जनपद हमीरपुर में पैदा हुए श्री विजय द्विवेदी जिन्होंने एमएससी एलएलबी तक की शिक्षा ग्रहण की इसके बाद वर्ष 1987 में सामाजिक कार्यों में कूद पड़े और बेरोजगारी का आंदोलन चलाया और लंबे समय तक इसकी लड़ाई लड़ी इसके बाद उन्होंने वकालत करते हुए आरटीआई को अपना हथियार बनाया और बुंदेलखंड के दोहन में लगे अधिकारियों और नेताओं पर चोट करना शुरू कर दिया प्रशासन में बैठे भ्रष्ट अधिकारियोंे को बेनकाब करने के लिए वर्ष 2007 में उन्होंने पीडब्ल्यूडी के भ्रष्टाचार के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा कर दिया इसके साथ ही जब कार्यपालिका से न्याय की उम्मीद नहीं लगी उन्होंने न्यायपालिका का सहारा लिया और न्यायपालिका में जनहित याचिका लगाना शुरू कर दिया हमीरपुर में तत्कालीन ईमानदार कलेक्टर की कारगुजारी यों की आरटीआई से कागज इकठ्ठा करके तमाम शिकायतें की लेकिन सपा सरकार में उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि नीचे से लेकर ऊपर तक भ्रष्टाचार की चल रही थी तब इन्होंने जाकर के हाई कोर्ट में जनहित याचिका लगाई इसके बाद हाईकोर्ट ने 28 जुलाई 16 को सीबीआई जांच के आदेश दिए इस पूरे मामले में नियमों को ताक पर रखकर तत्कालीन कलेक्टर बी चंद्रकला ने रेत के पट्टे बांटे थे जिस में अरबों रुपए की भ्रष्टाचार हुआ था जांच के बाद सीबीआई ने इस पूरे मामले में तत्कालीन कलेक्टर बी चंद्रकला सहित 11 अन्य लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें माइनिंग अधिकारी माइनिंग इंस्पेक्टर सहित वह सत्ता के नेता शामिल थे जिनके सहारे पर बी चंद्रकला नाचती थी …………सुरक्षा का रहता है खतरा ……………जनहित याचिका के बाद सामाजिक कार्यकर्ता विजय दुबे जी के ऊपर तीन बार जानलेवा हमला हो चुका है खुद की सुरक्षा को लेकर विजय द्विवेदी कहते हैं कि हमेशा जान का खतरा बना रहता है क्योंकि शासन द्वारा उन्हें जो सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी उसे रोक दिया गया है उनका कहना है कि इस खनन घोटाले में कलेक्टर सहित तमाम बड़ी सफेदपोश शामिल हैं जो हमीरपुर से लेकर लखनऊ तक सत्ता पर काबिज रहे हैं वह कभी भी हमला कराने की फिराक में रहते हैं ऐसे में घर से जाना खतरे से खाली नहीं रहता है लगातार आवेदन करने के बाद भी प्रशासन द्वारा अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं

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