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लॉक डाउन और मजदूर पार्ट 5…… सरकार का दोगलापन?

बुंदेलखंड में लॉक डाउन और मजदूर पार्ट 5 ……(डॉ नरेंद्र अरजरिया)……… सरकार का दोगलापन ?……… रात के करीब 10:00 बजे का समय… गर्भवती महिला बोलती है साहिब में गर्भवती हूं पांव में छाले आ गए हैं चल नहीं सकती मुझे साधन उपलब्ध करा दो जिससे मैं सकुशल घर पहुंच जाऊं यह फरियाद है उस पीड़ित परिवार की जो ग्वालियर से पैदल अपने गांव टीकमगढ़ जिले के अजनोर जा रहा हैं ग्वालियर से पैदल चलते चलते जब मजदूर जिनकी संख्या करीब 15 से 20 थी जिसमें महिलाएं बच्चे शामिलब थे जो ग्वालियर से पैदल चलकर के टीकमगढ़ जिले की अजनोर जा रहे थे जैसे ही उन्होंने निवाड़ी जिले की सीमा में प्रवेश किया तो एक उम्मीद बंधी यह तो अपना पुराना जिला है यहां के अधिकारी और नेता जरूर साथ देंगे वह गर्भवती मजदूर आदिवासी महिला अधिकारियों के सामने बॉर्डर पर गिड़गिड़ाती रही लेकिन दिल किसी का नहीं पसीजा ,……… आंखों में बेबसी और घर पाने की ललक इस मजदूर महिला और उसके परिजनों को विवश कर दिया पैदल चलने के लिए पैदल चलते हुए वह चली जा रही है चली जा रही है छोटे-छोटे मासूम भी मां के साथ चल रहे हैं ………शिवराज जी आप इतने कठोर दिल नहीं हो ?एक तरफ आप मध्य प्रदेश में अमीरों के बच्चों के लाने के लिए ग्वालियर से कोटा बसें भेज रहे हैं वही आपके प्रदेश के मजदूर ग्वालियर से पैदल आ रहे हैं यह कैसी विडंबना है आपकी और प्रशासन में बैठे अधिकारियों की एक मां गर्भवती जो अधिकारियों से गुहार लगाती रही कि अब हम चलने लायक नहीं है पैरों में छाले हैं हमारी हालत बिगड़ रही है उनका दिल नहीं पसीजा क्या यह आपकी प्रदेश के नागरिक नहीं है आप तो इन माताओं को बहन मानते हैं और बच्चों को भांजे भांजे का दर्जा देते हैं मंच से हमदर्दी जताते हो और खूब तालियां बटोर ते हो फिर ऐसा भेदभाव क्यों । मानवीय रिश्तो को तलवे तले रौंद रहे इन अधिकारियों के खिलाफ क्या आपको कदम नहीं उठाना चाहिए ? शायद ही कोई उनका मददगार साबित हो क्योंकि वह गरीब के घर पैदा हुए हैं अनपढ़ हैं मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं वह नहीं जानते हैं कि संविधान हमें क्या अधिकार देता है जिन्हें यह सब बातें मालूम है उनके लिए आप लाने के लिए बसें और प्रशासन के नुमाइंदे भी साथ में भेज रहे हैं…………………………………………………वह सृजनकर्ता है
दुख सहके भी सुख बांटता
भूख को पटकनी देता
वह हमारी खातिर तपता है
दसवीं मंजिल से गिरता है
वह भारत का मजदूर …
वह भारत का मजदूर

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