मयंक दुबे ओरछा एमपी ,कोई घर जा रहा तो कोई मछली पकड़ने और फिर एकाएक नदी उफान पर आ गई और जो जहाँ था वही फँसकर रह गया दरअसल प्रदेश की अन्य नदियों की तरह ओरछा की बेतवा व जामनी नदी भी उफान पर है माताटीला डेम से तकरीबन चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के उस पार फँसे 14 लोगो को कई घण्टो के राफ्टिंग रेस्क्यू के बाद बाहर निकाल लिया गया ।।। घर वापस आने के लिए जंगल मे बिताई किसी की दो तो किसी की तीन स्याह राते अब भी उन्हें याद है जहाँ हर पल जिंदगी और मौत से जद्दोजहद थी वापिस आने के बाद सभी ऐसी स्तिथि में जब पानी अधिक हो नदी के उस पार न जाने की बात कर रहे है साथ ओरछा एमपीटी की राफ्टिंग टीम का धन्यवाद भी जो सदूर जंगलो से उन्हें खोज लाई ।।।।।
बेतवा व जामनी नदी के उफान के बाद टापू में तब्दील सेंचुरी एरिया में 48 घण्टो से फँसे पृथ्वीपुर के अंकुर चतुर्वेदी, नितिन रावत समेत चार अन्य लोगो को एसडीईआरएफ ने सुबह रेस्क्यू कर निकाला तो वही तीन दिनों से बेतवा नदी के उस पार बलखण्डी बाबा की टौरिया पर टापू में फंसे 8 लोगों को ओरछा एमपीटी की राफ्टिंग वोट ने रेस्क्यू कर निकाला ,,, यह सभी तीन दिनों से नदी के उस पार फंसे थे और मछलियां पकड़ने के लिए गए थे तभी बेतवा उफान पर आ गई और फस कर रह गए सभी ओरछा के नकटा गाव के रहने वाले थे ।।। घण्टो की मशक्कत के बाद जिला प्रशासन ने इन्हें रेस्क्यू कर निकलवाया।।।

बेतवा व जामनी का तेज बहाव पत्थरो को चीरकर निकालता पानी और सांसत में फसी 14 जान ,,,,,,,,, नदी के बढे जलस्तर के कारण बीच में ही टापू पर फसकर रह गए ,,,,,,,जैसे ही ग्रमीणों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी वह हरकत में आया पुलिस अधिकारी मौके के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में पड़ने वाले नाले के उफान पर होने के कारण प्रशासन की टीम को बीच में ही रुकना पड़ा ,,,,,और फिर मोर्चा संभाला जिले की राफ्टिंग टीम ने एमपीटी की यह राफ्टिंग टीम व एसडीआईआरएफ ने जो पूर्व में भी लोगो को राहत मुहैया करा चुकी थी ऐसे में 72 घण्टे से फसे लोगो को निकालने की योजना बनाई गई इस बात का विशेष ख्याल रखा गया की वोट को सुरक्षित स्थान से ले जाया जाए ताकि लहरों के सामने वह बेबस साबित न हो और हुआ भी प्रशासन की सोच के मुताबिक तकरीबन 2 घण्टे के resque के बाद सभी चौदह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया तेज लहरों के बीच हुए इस resque दल को लीड कर रहे संजय मल्होत्रा की माने तो परेशानियां बहुत थी लेकिन सभी झँझवातो के बीच उनकी टीम ने सफल resque किया ,,,

जिले के आलाधिकारियों की सजगता से एक बार फिर 14 जाने बचा ली गई वावजूद इसके बरसात के मौसम में नदी के आसपास न जाने की हिदायतों को यह ग्रामीण किस तरह अनसुना करते है यह भी देखने को मिला क्योकि यह पास के गाँव के ही थे और इसके पूर्व कई लोगो को इस तरह टापू पर फॅसा हुआ देख चुके थे।। सुने ओरछा तहसीलदार रोहित वर्मा का बयान

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