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यमुना का तांडव लोगों की जिंदगी सड़क पर?

महेश अवस्थी हमीरपुर। तीन दिन पहले बेतवा और यमुना में बांधों से छोड़ा गया पानी अभी नदियों से उतर नहीं पाया था कि कोटा बैराग से सात लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में और छोड़ दिया गया। जबकि यमुना अभी भी खतरे के निशाद से 1.7 मीटर ऊपर बर रही है। बाढ़ की चपेट में मुख्यालय समेत आस-पास के बड़ी संख्या में गांव आ चुके हैं। जहां की कच्ची बस्तियां खाली कराई जा रही हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि छोड़े गये पानी से यमुना तीन मीटर और बेतवा दो मीटर ऊपर तक पहुंच सकती है। आशंका से जिला प्रशासन ने स्कूल/कालेज बन्द करा दिये हैं। बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे और कुछेछा डिग्री कालेज में शरण लिये हुये हैं। यमुना और बेतवा पुल पर भारी वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। बेतवा शान्त है मगर यमुना अपना ताण्डव दिखा रही है। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों केसरिया का डेरा, जौहरिया का डेरा, भोला का डेरा, चूरामन का डेरा, जरैली मड़ईया, शंकरी पीपर और चन्दुलीतीर का भ्रमण कर बाढ़ का जायला लिया। मौदहा बांध के अधिशाषी अभियन्ता एके निरंजन का कहना है कि यमुना में सात लाख क्यूसेक पानी छोडे जाने से दोनों नदियों के जल स्तर में तेजी बढ़ोतरी होगी। तबवर्तीय गांवों में एनडीआरएफ टीम को लोगों को निकालने के लिये लगा दिया गया है। एडीएम विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने कुछेछा डिग्री कालेज में पहुंचकर यहां एक हजार लोगों के रूकने की व्यवस्था की है। उधर कुरारा विकासखण्ड के भेदन डेरा गांव में बाढ़ का पानी आने से पम्प केनाल की बिजली लाईन के खम्भे धराशाई हो गये हैं। इस गांव में कई लोगों के मकान गिरने से लोगों में दहशत है। खतरे से बचने के लिये सुरक्षित ठिकानों की तलाश में लोग हैं। कोतूपुर कटिया गांव में यमुना नदी के बाढ़ के पानी ने गांव को चारो ओर से घेर लिया है। सरीला में बरसा के कारण गुरूदेवपुरा निवासी अरूण कुमार का मकान अचानक भरभरा कर गिर गया। जिससे रखी गृहस्थी मलबे में दब गई है। घटना के समय परिवार के लोग दूसरे घर में लेटे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उधर मुख्यालय में बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिये नगर पालिका के चेयरमैन कुलदीप निषाद ने लंच पैकेट बांटे ताकि वे लोग भूखे न रह सके और सम्भव मदद का भरोसा दिलाया।

पुष्टाहार में बदबू और फफूंदी
-अधिकारियों से शिकायत
हमीरपुर। राठ कस्बे के आंगनबाड़ी केन्द्र में सितम्बर माह का पुष्टाहार घटिया स्तर का आया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने खराब पुष्टाहार की शिकायत करायी। जुगियाना वार्ड की आंगनबाड़ी कुसुम सक्सेना, शशि, माया ने बताया कि उनके केन्द्र घटिया पुष्टाहार भेजा गया है। उसमें फफूंदी लगी हुई है और पूरा पानी से भीगा है। जिससे पुष्टाहार से बदबू आ रही है। पुष्टाहार में फफंूदी और बदबू को देखते हुये उसे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नहीं खिलाया जा सकता। सभासद इमरान का कहना है कि खराब पोषाहार से बच्चे बीमार हो सकते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने खराब पोषाहार की सूचना सुपरवाईजर को दी, मगर उसका कोई जवाब नहीं मिला है। अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने मामले की जांच कराने के आदेश दिये।

तीन माह ने नहीं मिल रहा ग्रामीणों को पानी
हमीरपुर। राठ तहसील के मझगवां में तीन महीने से गांव के लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। दर्जनों ग्रामीणों ने विधायक मनीषा अनुरागी से पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। विमल सिंह, सुरेन्द्र, राकेश, शिवनाथ, ओमप्रकाश, मानसिंह, संजय, मुकेश ने बताया कि गांव में नलकूप से पाईपलाईन के जरिये ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचाया जाता है। पिछले तीन माह से जलापूर्ति नहीं हो रही है। गांव में लगे हैण्डपम्प भी जवाब दे गये हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिये भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। विधायक मनीषा अनुरागी ने तत्काल जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों से पेजल संकट दूर करने के निर्देश दिये। गांव के लोग विधायक आवास से निकलकर तहसील पहुंचे जहां उन्होंने नारे लगाये। हंगामा किया कि पीने का पानी दो। बाद में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा।

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