मनरेगा के कार्यों का निरीक्षण

बाल किशन प्रजापति बमौरीकला (टीकमगढ़)
प्रवासी श्रमिकों को रोजगार गांव में ही उपलब्ध कराने के लिए सरकार के द्वारा मनरेगा योजना के तहत निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए हैं। जिसके तहत गांव-गांव में मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। जिसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए पलेरा तहसील के नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश शुक्ला में जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत कलरा का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत जाने जहां पर मनरेगा योजना के तहत 14 लाख रुपये की लागत से संचालित नवीन तलैया निर्माण कार्य संचालित किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है कुछ राजनीतिक लोगों के द्वारा यह अफवाह सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही थी कि ग्राम पंचायत कलरा में मजदूरों की जगह मशीनों से मनेगा का काम संचालित किया जा रहा है ।
जब इस मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित हो अधिकारियों के द्वारा पलेर नायव तहसीलदार सत्यप्रकाश शुक्ला अपनी टीम के साथ आज मंगलवार को ग्राम पंचायत कलरा का औचक निरीक्षण किया जहां पर एक सैकड़ा से अधिक श्रमिक तलैया निर्माण अधिकारी पर मौजूद पाए गए इतना ही नहीं जिनसे निर्माण हुआ है वहां पर काम कर रहे हैं ।मजदूरों ने बताया कि कोरोना वायरस के पहले यह श्रमिक दिल्ली पंजाब हरियाणा आदि जगह पर काम करते थे जैसे ही कोरोनावायरस में देश में दस्तक दी और लाँकडाउन हुआ तो यह मजदूर अपने गांव आ गए और इस संकट की घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा श्रमिकों को गांव-गांव में रोजगार उपलब्ध कराए जाने के लिए मनरेगा योजना के तहत निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए जिसके तहत यहां के श्रमिकों को भी प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है और मजदूरों की मजदूरी की जो राशि ₹190 शासन के द्वारा निर्धारित की गई है वह सीधे उनके खाते में जा रही है ।
मजदूरों ने बताया कि अगर मनरेगा योजना सामना होती तो भूखों मरने की स्थिति आ जाती इस संकट की घड़ी में मनरेगा योजना मजदूरों के चेहरे पर खुशी ला दी और उन्हें दो वक्त की रोटी मिलने लगी है। नायव तहसीलदार सत्यप्रकाश शुक्ला ने भी मजदूरों से बात की तो मजदूरों ने बताया कि वह 12 दिन से निर्माण कार्य पर काम कर रहे हैं। और मौके पर किसी भी मशीन से कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है यह मनरेगा का निर्माण कार्य मजदूरों के द्वारा ही किया जा रहा है। जबकि कुछ असामाजिक तत्व यह चाहते हैं। कि झूठी शिकायत कर निर्माण कार्य बंद कराना चाहते हैं। जिससे मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट छा जाए लेकिन अधिकारियों ने जमीनी हकीकत जानकारी स्वयं देख लिया है ।
कि निर्माण कार्य मजदूरों से ही किया जा रहा है।
इस दौरान उनके साथ उपयंत्री प्रमोद चतुर्वेदी एवं पंचायत के कर्मचारी सरपंच सेवालाल अहिरवार सचिव शंकर सिंह चंदेल सहायक सचिव रामकुमार विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।

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