Views: 183

मजदूरों के लिए जीवन यापन का सहारा बनी मनरेगा

मजदूरों के लिए जीवन यापन कर सहारा बने मनरेगा
जतारा ( टीकमगढ)
कोरोना वायरस संकट की घड़ी में ग्रामीण मजदूरों के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना गांव के मजदूरों को नया जीवन दान देने के लिए सहारा बनी मनरेगा योजना संकट की घड़ी में मनरेगा योजना में गरीबों को दो वक्त की रोटी रोटी उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है गांव गांव में निर्माण कार्य शुरू हो चुके हैं जिससे
सैकड़ों मजदूरों के सामने रोजी मिलना शुरू हो गई है अगर समय पर मनरेगा योजना प्रारंभ ना होती तो मजदूरों के सामने खाने के लिए लाले पड़ जाते एक तो इस समय कोरोनावायरस को लेकर लाँकडाउन चल रहा है महानगरों में सभी उद्योग धंधे फैक्ट्री बड़े राहत कार्य बंद है जिससे श्रमिक के सामने रोजी रोटी का संकट छा गया और सैकड़ों किलोमीटर दूरी का सफर तय कर पैदल ही वहां से अपने गांव आ गए हैं।
जिनको गांव में ही रोजगार देने के लिए जिला प्रशासन ने एक अच्छी पहल कर पंचायत स्तर पर मनरेगा योजना के जिले में सैकड़ों मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिए जिससे पंचायतों में सैकड़ों मजदूरों को रोजगार मिलना शुरू हो गया है।
बताते चलें कि जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत कलरा

महानगरों से वापस आए श्रमिकों को अब गांव में ही रोजगार मिलने लगा है । जो पहले रोजगार न मिलने के अभाव में पलायन कर गए मजदूर अपने गांव में वापस आ गए हैं।
और उनको गांव में ही शासन की महत्वपूर्ण योजना मनरेगा में उनको रोजगार मिलने लगा है।
जो इस कोरोना वायरस संक्रमण महामारी के बीच वरदान साबित हो रही है।
गांव गांव में मजदूरों को रोजगार मिलने लगा है एक ऐसा ही नजारा जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत कलरा में देखने को मिला है। जहां पर परदेसी वापस लौटे मजदूरों को मनरेगा योजना के तहत चल रहे तलैया निर्माण कार्य में एक सैकड़ा से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। तो वही मजदूर भज्जू कालीचरण राम चरण भगवान दास जानकी अशोक अहिरवार ,बृजभान भगवान दास अहिरवार पातीराम अहिरवार ने बताया कि संकट की घड़ी में हम गरीब मजदूरों के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हो रही है अब कभी भी हम अपना गांव छोड़कर पलायन नहीं करेंगे गांव में ही शासन की योजनाओं के तहत चलने वाले निर्माण कार्यों में काम कर अपने घर परिवार का भरण पोषण करेंगे साथ ही अन्य लोगों से भी उन्होंने अपील की है कि वह इस संकट की घड़ी में घरों पर रहे और कोरोनावायरस से बचें
वही ग्राम पंचायत कलरा के सरपंच सेवालाल अहिरवार ने बताया कि अभी मनरेगा योजना के तहत 2 नवीन तालाब निर्माण कार्य जिनकी लागत 14 लाख रुपए की लागत से तलैया का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसमें दो सौ मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार दिया जा रहा है अन्य मजदूरों को रोजगार देने के लिए जल्दी ही निर्माण कार्य गांव में कराए जाने की मांग शासन से की गई है।
ताकि सभी मजदूरों को रोजगार मिल सके
सचिव शंकर सिंह चंदेल ने बताया कि अभी जितने मजदूरों ने पंचायत में आवेदन किए थे उनको रोजगार दिया गया है तथा अन्य मजदूरों की द्वारा भी रोजगार की मांग की गई है उनको सिघई रोजगार उपलब्ध कराए जाने के लिए अन्य निर्माण कार्य पंचायत में स्वीकृत कराए जा रहे हैं जिससे उनको भी रोजगार मिलेगा
क्या कहते अधिकारी
जनपद पंचायत पलेरा के सी ई ओ एमआर मीणा ने बताया कि ग्राम पंचायतों की मांग के आधार पर जनपद की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं जहां पर दो हजार से अधिक मजदूरों को प्रतिदिन रोजगार मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *