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मजदूरों का मशीनों से

मजदूरों की जगह मशीनों से हो रहा तालाब निर्माण कार्य ।
पलायन करने को मजबूर हो रहे मजदूर।
सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे अधिकारी कर्मचारी
जतारा( टीकमगढ़)
कोरोनावायरस संकट की घड़ी में श्रमिकों को गांव में ही रोजगार देने के लिए सरकार के द्वारा मनरेगा योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य प्रारंभ कराए गए हैं।
हालत यह है कि निर्माण कार्यों में मजदूरों को तो रोजगार नहीं मिल रहा है मजदूर मजबूर होकर अपने गांव को फिर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं कारण यह है कि मनरेगा के निर्माण कार्यों में रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
और जनपद के अधिकारी कर्मचारी इस मामले में लापरवाही नजर आ रहे हैं।
एक ऐसा ही मामला जनपद पंचायत जतारा की ग्राम पंचायत करमोरा में देखने को मिला है गांव के शिव शंकर यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव के द्वारा गांव के मजदूरों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है जो इस कोरोनावायरस संकट की घड़ी में अन्य राज्यों से लौटकर अपने गांव आए हैं अब हालत यह है कि मजदूरों को रोजगार नहीं मिलने से उनके सामने दो वक्त की रोजी-रोटी का संकट छाया हुआ है भूखों मरने की नौबत आ रही है गांव में भले ही लगभग 14 लाख 99 हजार की लागत से मनरेगा योजना के तहत नवीन तालाब का निर्माण कार्य चल रहा है जिसमें दिखावे के लिए दिन में खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के पिपरा गांव के मजदूरों को मजदूरी पर ₹200 प्रति खंती के हिसाब से ठेके पर काम कराया जाता है रात्रि के अंधेरे में जेसीबी मशीन का उपयोग किया जाता है इस कार्य में मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है जबकि सरकारी रिकॉर्ड में सरपंच के द्वारा अपने सगे संबंधियों के नाम मस्टररोल में दर्ज किए गए हैं और इस मामले में सेक्टर के उपयंत्री की मिलीभगत के चलते यह निर्माण कार्य मशीनों से हो रहा है जबकि मूल्यांकन और मस्टरोल का सत्यापन मजदूरों का दिखाया जा रहा है मजदूर रोजगार के अभाव में अब अपना गांव छोड़ने को मजबूर हैं ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस सेक्टर में जो उपयंत्री पदस्थ हैं वह कभी साइट पर नहीं आते और बिना देखे ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भौतिक सत्यापन अपने घर बैठे टीकमगढ़ से कर रहे हैं। जबकि जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के द्वारा यह दुहाई दी जा रही है कि जो श्रमिक इस संकट की घड़ी में वापस आए हैं उनको गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
ताकि वह है भूखों मरने की स्थिति में ना रहे उन्हें गांव में ही रोजगार मिल सके लेकिन जिला प्रशासन के निर्देशों का ग्राम पंचायतों में जरा भी पालन नहीं हो रहा है।
सरपंच से लेकर सचिव और उपयंत्री जिला प्रशासन के निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं शायद यही वजह है कि अब मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है और मशीनों से निर्माण कार्य करा कर उनको रोजगार दिया जा रहा है शायद मनरेगा योजना के तहत अब मजदूरों की गारंटी समाप्त हो चुकी है और अधिकारियों ने मशीनों को गारंटी दे दी है।
क्या कहते अधिकारी
इस संबंध में आईएएस अधिकारी एसडीएम जतारा डॉ सौरभ सोनबणे इस संबंध में उन्होंने बताया कि मुझे इस मामले की अभी जानकारी नहीं है अभी पता चला है अगर जेसीबी मशीन से निर्माण कार्य हुआ है तो मैं इसकी जांच कर आता हूं और निश्चित ही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी

क्या कहते सहायक यंत्री
इस संबंध में सहायक यंत्री देव आनंद शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे इस बारे में अभी जानकारी मिली है मैं पता करता हूं अगर मशीनों से निमाड़ तारी हुआ है तो निश्चित ही लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

क्या कहते हो उपयंत्री
इस संबंध में सेक्टर की उपयंत्री आशीष बिहारी मिश्रा उपमंत्री का कहना है कि मुझे जानकारी नहीं है कोई मशीन नहीं है।

क्या कहते सरपंच
सरपंच प्रतिनिधि सीताराम यादव ने बताया कि गांव के मजदूर काम नहीं करते इसलिए हम बाहर के मजदूरों मशीनों से निर्माण कार्य करा रहे हैं।

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