अनिल तिवारी, टीकमगढ़
मोबाइल नंबर- 9630547503
शादी के सतरंगी सपने दिखाये, जाति-गोत्र के अनुसार लड़की भी दिखाईं, लड़कियों के मोबाइल नंबर दिए और जीवन साथी के लिए रजिस्ट्रेशन के 25-25 हजार रुपए वसूल लिए। जब फेरे पड़वाने की बात आई तो जालसाज ऐसे गायब हुए, जैसे गधे के सिर से सींग। लाखों रुपए की ठगी करने के बाद भोपाल में दफ्तर गायब, मोबाइल बंद कर जीवन साथी जन-कल्याण समिति के सदस्य लापता हो गए। सात फेरों की आस टूटने के बाद ठगी के शिकार सुंदरपुर के दर्जनभर ग्रामीण अपने पैसे वापस पाने के लिए समिति सदस्यों की पतासाजी में जुटे हैं।
अल्पशिक्षा, बेरोजगारी और जलसंकट के कारण अति पिछड़े बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के विवाह नहीं हो रहे हैं। इसलिए शादी के लिए लालायित युवा और परिजन जालसाजों के शिकंजे फंस रहे हैं। टीकमगढ़ ब्लाॅक के सुंदरपुर गांव में ही एक दर्जन परिवार ठगी का शिकार हो गए। टीकमगढ़ और दमोह जिले में जीवन साथी के नाम पर छले गए परिवारों की संख्या एक सैकड़ा से भी अधिक बताई जा रही है। भोपाल में मिनाल गेट नंबर 3 के सामने सागर काॅलेज के पास जीवन साथी जन-कल्याण समिति ने दफ्तर खोलकर शादी का झांसा देकर 25-25 हजार रुपए जमा कराए और बिना फेरे कराए मोबाइल और दफ्तर बंद कर समिति सदस्य गायब हो गए। ठगी का शिकार हुए ग्रामीण रसीदें लेकर बार-बार भोपाल के चक्कर काट रहे हैं।

सुंदरपुर में एक दर्जन परिवार ठगी का शिकार
सुंदरपुर निवासी घनश्याम लोधी ने बताया कि बेटे चंद्रभान और ब्रजभान की शादी के लिए जीवन साथी जन-कल्याण समिति के भोपाल स्थित कार्यालय में इसी साल 8 अप्रैल को 25-25 हजार रुपए जमा कराए थे। कार्यालय में मैडम नेहा शर्मा ने 21-21 हजार की रसीद दी थी। इसी तरह 27 मई को दमोह में सम्मेलन से शादी के लालच में अरविंद्र लोधी, भागीरथ लोधी, श्रीराम लोधी, जगत लोधी, भगवत लोधी, जानकी लोधी, हरपाल लोधी, छत्रपाल लोधी सहित एक दर्जन युवाओं के परिजनों ने जीवन साथी जन-कल्याण समिति भोपाल के कार्यालय में बेटों की शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन 25-25 हजार रुपए जमा कर 21-21 हजार रुपए की रसीदें दी गईं।
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लड़कीं दिखाईं तो सगुन भी कर आये
सांतखेरा सुंदरपुर निवासी गुबिंदी लोधी ने बताया कि मैंने बेटे की शादी के लिए 31 मार्च को 25 हजार रुपए जमा किए। साथ में मेरे रिश्तेदार थे, उन्होंने भी अपने बेटे की शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। जीवन साथी जन-कल्याण समिति में दो नेहा शर्मा और एक अन्य बड़ी मैडम थीं। जिन्होंने हमें भोपाल की एक बस्ती में ले जाकर लड़कीं दिखाई थी, उसका मोबाइल नंबर दिया था और 27 मई को दमोह में सम्मेलन आयोजित कर शादी कराने का भरोसा दिया था। मेरे रिश्तेदार ने लड़कियों के हाथ पर 5-5 सौ रुपए सगुन के तौर पर भी रखे थे, लेकिन जो मोबाइल नंबर दिया था उस पर कभी बात नहीं हुई। ……..

27 मई को करानी थी शादी, 5 से मोबाइल-दफ्तर बंद
वृंदावन लोधी ने दोनों बेटों श्रीराम और भागीरथ की शादी का रजिस्ट्रेशन कराया था। जगत सिंह लोधी ने स्वयं की शादी के लिए पैसे जमा किए थे। मोहन लाल लोधी ने भाई हरपाल का घर बसाने के लिए पंजीयन कराया था। उन्होंने बताया कि 27 मई को विवाह को लेकर घर में खुशी का माहौल था, लेकिन 5 मई से ही जीवन साथी जन-कल्याण समिति की मैडमों के फोन लगना बंद हो गया। 10 मई को भोपाल में पता किया तो मिनाल गेट नंबर 3 के सामने सागर काॅलेज के पास स्थित भवन से कार्यालय गायब था। वहां कोई और आॅफिस खुल गया। 27 मई निकल गई न तो किसी के फेरे पड़े और न ही रजिस्ट्रेशन के पैसे वापस मिले। अब रसीदें लेकर बार-बार भोपाल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समिति वालों का कहीं अता-पता नहीं मिल रहा है।………

टीकमगढ़ से दमोह तक पंपलेट से फैलाया जाल…….
जीवन साथी जन कल्याण समिति ने शादी के लिए लालायित युवाओं और परिजनों को फंसाने के लिए टीकमगढ़ से दमोह तक पंपलेट बांटकर जाल फैलाया था। पंपलेट में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद ग्रामीणों को भोपाल बुलाया गया और रजिस्ट्रेशन कराए। गुबिंदी लोधी के अनुसार, सुंदरपुर के एक दर्जन लोगों के अलावा डूंड़ाटौरा, बुड़ेरा, भेलसी सहित अन्य गांव के लोगों ने भी जीवन साथी के लिए रजिस्ट्रेशन कराये थे। पंजीयन कराने वालों में दमोह जिले के बहुत अधिक लोग शामिल थे। 27 मई बीत गई, शादी भी नहीं हुई, अब लोग अपने पैसे पाने के लिए परेशान हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जन कल्याण समिति की दोनों मैडमों के मोबाइल बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा है। …….
बुंदेलखंड में लगातार गिर रहा है लिंगानुपात………… अगर हम शासकीय आंकड़ों पर नजर डालें तो बुंदेलखंड में लिंगानुपात का रेसुओ लगातार कम हो रहा है वर्तमान में 1000 पर 825 महिलाएं हैं ऐसे में युवाओं की शादी ना होने का मुख्य कारण यह भी है बुंदेलखंड के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज चौबे कहते हैं कि बुंदेलखंड में लिंगानुपात कम होने का मुख्य कारण है लड़कियों की जगह लड़कों को तरजीह देना यहां के लोगों की मानसिकता है कि अगर लड़का होगा तो हमारा बंद चलेगा इस मानसिकता के चलते गर्भ में ही लड़कियों की हत्या कर दी जाती है यही वजह है कि आज बुंदेलखंड में लड़कियों की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है और युवाओं को अपनी शादी के लिए बुंदेलखंड को छोड़कर के दूसरी जगह जाना पड़ता है और वह ठगी का शिकार हो जाते हैं……

डिटेल लेकर जांच कराएंगे
इन लोगों को कल मेरे पास भेज दीजिए। मैरिज ब्यूरो से संपर्क का कोई लोकल माध्यम भी हो सकता है। ग्रामीणों से पूरा डिटेल लेकर जांच कराई जाएगी और जालसाजों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनुराग सुजानिया, एसपी टीकमगढ़

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