टीकमगढ़ बुंदेलखंड की पत्रकारिता के गौरव और नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया के संपादक पंकज चतुर्वेदी को माधव राव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संघरालय एवं शोध संस्थान भोपाल द्वारा 19 जून को ………महेश गुप्ता सृजन सम्मान…… से सम्मानित किया जाएगा यह सम्मान उनकी लेखनी और पत्रकारिता को दिया जा रहा है बुंदेलखंड की आंचलिक पत्रकारिता से अपने जीवन में पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले पंकज चतुर्वेदी आज हिंदी पत्रकारिता का वो नाम है जो हर कोई जानता है वर्तमान में पंकज चतुर्वेदी नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया में संपादक के पद पर कार्यरत हैं इस सम्मान के चुने जाने पर पंकज चतुर्वेदी कहते हैं………
असल में मैं कभी किसी सेमीनार, गोष्ठी या सम्मान समारोह में जाता नहीं हूँ , कई लोगों को मना कर देता हूँ की सम्मान आदि मैं लेता नहीं लेकिन अचानक भोपाल से माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्र्हालाय्ल और शोध संस्थान से खबर मिले तो मन में ख़ुशी होना लाजिमी है .
कोई तीस साल पहले सुबह ऐसे ही मैं अपने घर बुंदेलखंड के छतरपुर में बैठा कुछ पढ़ रहा था और घर के दरवाजे पर ट्रेफिक में हेड कांस्टेबल देवेन्द्र तिवाली ने घंटी बजायी, लम्बी सी मूंछ रखते थे तिवारी जी, हमने आने का कारण पूछा तो वे ख़ुशी की मारे लिपट गए– आपको माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता पुरस्कार मिला है . हमने अभी भोपाल के संचार में रेडियो पर सुना .” वह मेरे लिए अप्रत्याशित था . उसके लिए प्रविष्ठी तो भेजी थी कई महीने पहले लेकिन भूल गया था, सोचते थे की हमें कौन याद रखेगा . उसके बाद बहुत से तार, पोस्टकार्ड आये, छतरपुर जिले के आंचलिक क्षेत्रों में काम कर रहे पत्रकारों के, वे आज भी मेरे जीवन की अमूल्य निधि हैं .उस समय श्याम अग्रवाल, ओम अग्रवाल, रविन्द्र व्यास, राकेश शुक्ल जैसे लोग साथ थे, जो हमें भोपाल ले गए, पुरस्कार दिलवाया और जश्न भी मनाया .
आज का ईमेल भी मेरे लिए ठीक वैसी ही ख़ुशी वाला है , दोनों में एक समानता है – वह पुरस्कार का पात्र भी विजयदत्त श्रीधर के दस्तखत से आया था और यह भी .
मेरे लिखने को ईजात बख्शने के लिए सप्रे संग्रहालय , श्रीधर जी और मेरे बहुत से भोपाल के दोस्तों और शुभचिंतकों का दिल से आभारी हूँ , सब कुछ ठीक रहा तो जून की तपती गर्मी में १८ से २१ तक भोपाल में मिलते हैं ……बुंदेलखंड के वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र व्यास कहते हैं कि निश्चित ही ए बुंदेलखंड की आंचलिक पत्रकारिता के लिए गौरव की बात है और माधव सप्रे संग्रहालय द्वारा सम्मान दिया जाना निश्चित ही एक पत्रकार के लिए खुशी का पल होता है उन्होंने कहा कि पंकज चतुर्वेदी ने हमेशा बुंदेलखंड का और बुंदेलखंड के पत्रकारों का मान बढ़ाया है मैं उन्हें दिल से बधाई देता हूं।

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