महिला के साथ नन्हे दुधमुँहे बच्चों द्वारा पिता की अस्थि संचित करने पर प्रत्यक्षदर्शियों की आंखें हुई नम
फिर भी अपने बेटे के लिए नहीं पिघला पिता का दिल

अस्थि विसर्जन से पहले न्याय पाने के लिए महिला ने लगाई पुलिस अधीक्षक से गुहार

बहु के खिलाफ ससुर ने की शिकायत

एडिशनल एसपी ने दोनों के शिकायती आवेदन पर मामले को गंभीरता से लेते हुए दिए जांच के आदेश

हरपालपुर।(mp) जब न्याय की खातिर एक पत्नी अपने पति की अस्थियां लेकर के एसपी के सामने खड़ी हो जाए तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह है की एक पत्नी अपने पति की अस्थियां लेकर के न्याय के लिए एसपी के दरवाजे पर दस्तक दे रही है इसे समाज की विडंबना कहें या फिर परिवार के मुखिया की हठधर्मिता लाचार पति की मौत की अस्थियों को गले में लटकाए जब एक महिला सामने खड़ी हो तो सोचिए कि उस महिला पर क्या गुजर रही होगी हम आपको लिए चलते हैं एक ऐसी ही समाज की विकृति घटना की ओर ………कलयुगी पिता ने जब अपने पुत्र रविंद्र सोनी का शव लेने से इंकार कर दिया तो गुस्साई जनता के आक्रोश से बचने के लिए कलयुगी पिता रामदास सोनी द्वारा अपने ही पुत्र के प्रति घृणा और द्वेष झलक रहा था इसका कारण बहु ने आरोप लगाया है की ससुर रामदास सोनी द्वारा बुरी नियत से बहु के साथ अश्लील हरकत करने के कारण पुत्र द्वारा अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर किराए का मकान लेकर अलग रहना पड़ रहा था रविंद्र सोनी की अंत्येष्टि के तीसरे दिन भी जब बहु को पर्याप्त सुरक्षा एवं न्याय नहीं मिला तब महिला द्वारा अपने नन्हे दुध मोहे बच्चे के साथ पति की अस्थियों का संचय किया और अस्थियों को लेकर न्याय पाने के लिए पुलिस अधीक्षक छतरपुर कार्यालय जा पहुंची और अपने और अपने बच्चों के लिए न्याय की गुहार लगाने लगी । लेकिन पुलिस अधीक्षक के नहीं मिलने पर एडिशनल एसपी जयराज कुबेर द्वारा महिला एवं उसके ससुर दोनों ने ही एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है मामला गंभीर होने के कारण एडिशनल एसपी द्वारा दोनों पक्षों के शिकायतों की जांच कराकर ना दिलाने की बात कही है। विगत 12 मई को रविंद्र सोनी की कैंसर से हुई मौत के बाद अपने ही पुत्र का शव लेने से इंकार करने पर गुस्साई भीड़ के आक्रोश से बचने के लिए अपने पत्र का जबरदस्ती महिला के ऊपर जहर देने के आरोप के कारण पीएम करवाया था और जब पीएम में मौत की पुष्टि कैंसर से हो जाने के उपरांत पुत्र की अंत्येष्टि में जबरजस्ती थाना प्रभारी के दबाव में मुक्तिधाम तक गया था भले ही अपनी बहू से झगड़े के उपरांत आसान अन्य दूध मोहे बच्चों जोकि रामदास के ही बारिश संताने होने के बावजूद उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है इस कारण मामला तूल पकड़ता जा रहा है और नगर वासियों के विरोध का दंश झेल रहा है।

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