दबंगों का आतंक अंतिम संस्कार के लिए इंतजार

महिला की मौत के बाद श्मशान घाट जाने के लिए दबंगों ने रोका रास्ता 3 घंटे तक सड़क पर रखना पड़ा शव
जतारा (टीकमगढ़)
ग्रामीण अंचलों में आज भी दबंगों का बोलबाला है जिसके चलते मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है एक गांव में बीमारी के चलते अनुसूचित जाति की महिला की मौत के बाद महिला के परिजनों को अंतिम संस्कार करने के श्मशान घाट जाने के लिए जगह नहीं मिली और दबंगों ने रास्ता रोक दिया प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया

जिससे गांव में हंगामा खड़ा हो गया जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है ।
जानकारी के अनुसार बताते चलें कि थाना जतारा क्षेत्र की ग्राम पंचायत फूलपुर में ग्राम के श्रीमती राजकली अहिरवार पत्नी मिलन अहिरवार उम्र 30 साल निवासी फुलपुर अपने पति के साथ हरियाणा में मजदूरी करती थी जहां पर महिला के बीमार होने के बाद उपचार भी परिजनों के द्वारा कराया गया लेकिन उक्त महिला की हरियाणा में बीमारी के चलते मौत हो गई जिसके बाद महिला के पति मिलन अहिरवार व परिजन महिला का अंतिम संस्कार करने के लिए अपने ग्रह ग्राम फूलपुर शव लेकर आए थे जहा पर परिजनों के द्वारा मृतक महिला श्रीमती राज कली का अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट जा रहे थे मृतक महिला के परिजन राजू अहिरवार का आरोप है कि जिस जमीन से सालों से ग्रामीण श्मशान घाट के लिए जाते थे उक्त जमीन पर गांव के दबंगों ने कब्जा कर लिया और रास्ता बंद कर दिया आज जैसे ही मृतक महिला रामकली अहिरवार के परिजन रामकली का अंतिम संस्कार करने के लिए जा रहे थे तभी
दबंगों ने शव यात्रा को श्मशान घाट ले जाने से रोक दिया जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी भी हुई तो ग्रामीण भी एकत्र हो गए ग्राम में 3 घंटे तक हंगामा चलता रहा मामले की जानकारी ग्रामीणों के द्वारा जतारा एसडीएम डॉक्टर सौरभ सोनवडे एवं थाना प्रभारी रश्मि जैन को दी गई जिसके बाद उन्होंने मौके पर पुलिस बल को मौके पर भेजा गया और किसी तरह मामले को शांत करा कर दूसरे रास्ते से महिला का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में कराया गया ग्रामीणों ने यह भी बताया कि
श्मशान घाट की जो जमीन है उस पर भी अतिक्रमण कर लिया गया और आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है जिससे यह हालत में गलत हो गए वह तो अच्छा हुआ कि वक्त पर प्रशासन की ओर से पुलिस को मौके पर भेज दिया गया जिससे बड़ी घटना घटित होने से बच गई लेकिन इतना जरूर है कि टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण अंचलों में आज भी सामान साहिलों का इतना आतंक है कि गरीबों घर खुशी हो या गम उन्हें कोई भी फर्क नहीं पड़ता यह घटना जिले को शर्मसार कर देने वाली घटना है जहां पर अंतिम संस्कार के लिए जब महिला का शव परिजन ले जा रहे थे कि दबंगों ने रास्ता रोक दिया और 3 घंटे तक शव को बीच रास्ते पर परिजन रखे रहे हंगामा होता रहा जिससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी ग्रामीण अंचलों में अनुसूचित जनजाति के लोग आज भी सुरक्षित नहीं है। थाना जतारा के ए एस आई मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस को जब इस मामले की सूचना मिली थी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिला का अंतिम संस्कार करा दिया गया है तथा।
क्या कहते तहसीलदार
पलेरा तहसीलदार हर्षल चौधरी ने बताया कि मुझे इस मामले की जानकारी मिली है हमने मौके पर पटवारी को भेजा है और जांच प्रतिवेदन मंगाया है अगर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हैं तो तत्काल हटाया जाएगा।

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