डॉक्टरों की हरकत,मदमस्त अधिकारी?

डॉक्टरों ने की हरकत नियम और कानून को ताक पर रखकर किया काम टीकमगढ़ ….जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों ने की एसी हरकत जिसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता है सारे नियम और कानून को ताक पर रखकर पोस्टमार्टम रूम में प्रसव के दौरान मृत हुई महिला के गर्भ से बच्चे को बाहर निकाला और बिना पोस्टमार्टम की रात्रि में ही उसे एंबुलेंस से घर भिजवा दिया ………क्या है मामला …….टीकमगढ़ शहर की रहने वाली गर्भवती महिला भूमि 5 दिसंबर की शाम जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए भर्ती हुई थी जिसका इलाज जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ रश्मि जैन कर रही थी परिजनों का आरोप था रश्मि जैन इलाज में लापरवाही बरती जिसके कारण उनकी बहू की मौत हो गई मौत के बाद हंगामा देख डॉ रश्मि ने मामला रफा-दफा करने की कोशिश की और अंततः मृतका के परिजन मान भी गए उन्होंने डॉक्टर से कहा की पेट से मासूम के शव को निकाल दीजिए क्योंकि सनातन धर्म के अनुसार पेट में बच्चे को मां के साथ नहीं जलाया जा सकता है ……कानूनों को रखा ताक पर……… डॉक्टर ने ……जी हां मौत के बाद डॉक्टरों ने जो तमाशा किया कानून क्या कोई भी उसे माफ नहीं करेगा बिना पुलिस को सूचना दिए रात्रि में डॉ रश्मि जैन द्वारा पोस्टमार्टम रूम खुलवाया गया और वहां पर मृत महिला को ले जाकर उसके सरीर से नवजात को अलग किया इतना ही नहीं उन्होंने एंबुलेंस बुलाकर जच्चा बच्चा बच्चा को उनके घर जाने दिया एंबुलेंस के ड्राइवर आशीष कहते हैं विकास जैन और रश्मि जैन के कहने पर मृत जच्चा बच्चा को घर तक छोड़ने गए थे वहीं पोस्टमार्टम रूम के प्रभारी विकास का कहना है कि डॉ विकास जैन और रश्मि जैन के कहने पर पोस्टमार्टम रूम खोला गया था जहां पर उन्होंने मृत महिला के शरीर से एक बच्चे को निकाला था इसके बाद वह चले गए थे…. क्या कहते हैं एक्सपर्ट ………इस पूरे मामले पर पूर्व सीएमएचओ डॉ ए के गुप्ता कहते हैं बिना पुलिस को सूचना दिए पोस्टमार्टम रूम को खुलवाना बिना पंचनामा बने ऐसा करना कानूनन जुर्म है और इसमें डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए पूरा मामला संवेदनहीनता से जुड़ा हुआ है इसमें कार्रवाई करने का पूरा अधिकार cmho ओर cs के पास होता हैं वर्तमान सीएमएचओ डॉक्टर सी वी आर्य कहते हैं ………कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है मुझे सिर्फ इतना पता है कि मृतक परिवार की परमिशन के आधार पर ही यह सारा कार्य किया गया है मुझे मालूम नहीं है यह कानून के खिलाफ है ……टीकमगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन कहते हैं बिना पुलिस को सूचना दिए लाश को पोस्टमार्टम रूम के अंदर ले जाना अपराध है यह जिला अस्पताल का मामला है इसकी जिम्मेदारी सिविल सर्जन की होती है सिविल सर्जन को ही कदम उठाना होगा कि आखिरकार पुलिस को बिना सूचना दिए रात्रि में पोस्टमार्टम रूम कैसे खुलवाया गया अगर उनको पेशेंट के साथ कुछ करना थाot में कर सकते थे अगर पोस्टमार्टम रूम में किया गया है तो है कानून के खिलाफ है मामले से जुड़े डॉ अभिषेक जैन कहते हैं ……कि मैंने मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए उस गरीब परिवार की सहायता की है डॉ रश्मि जैन कहती कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार मैं दोनों को एक साथ नहीं जला सकते हैं इसलिए उसको बेबी को मैंने निकाला था और जहां तक पोस्टमार्टम रूम में ले जाने की बात है तो मैंने इसकी सूचना पुलिस को दी थी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *