देहरादून ,इंसान जब जुनूनीयत कि हद पार कर जाता है ,तो लोग उसकी मिसालें देने लगते है ,मथुरा निवासी सचिन सिंह कुंतल के भी मैराथन और अल्ट्रा मैराथन की दुनिया में उनके उदाहरण दिए जाने लगे हैं ,,और क्यों न दिए जाएं ,, भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात सचिन ने हाल ही में आयोजित देश की सबसे कठिनतम मानी जाने वाली गड़वाल अल्ट्रा मैराथन में प्रथम स्थान पाकर कीर्तिमान स्थापित किया ,,गड़वाल रन 74 किलोमीटर की दौड़ है जो देहरादून से शुरू होकर धनौल्टी पर खत्म होती है ,,इस प्रतियोगिता में मेजर सचिन ने देश और दुनिया से आये कई प्रोफेशनल धावकों को पछाड़ कर मात्र 8 घण्टे 3 मिनेट में पूरा कर सबको चोंका दिया ,,, और अपना नाम देश के ख्याति प्राप्त अल्ट्रा मैराथन के खिलाड़ियों के साथ दर्ज करवा कर इतिहास बनाया।
पिछले माह 27 जनवरी को चंडीगढ़ में आयोजित पंजाब हाफ मैराथन में भी दूसरा स्थान पाकर सबका अपनी ओर ध्यानाकर्षित किया था ,,,
हद तो तब हुई जब इस सैन्य अधिकारी 2017में कारगिल विजय दिवस की 18 वी वर्षगांठ पर देश वासियों को देश प्रेम और त्याग का संदेश देने के लिए दुनिया की सबसे लंबी और कठिनतम डुएथलोन रेस में भाग लेने का संकल्प लिया। सचिन सिंह ने इस रेस को भी अपने साथियों के साथ मिलकर मात्र 30 दिन में पूरा किया था ,,और एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया ।1401 किलोमीटर लंबी इस रेस को 3 चरणों में पूरा किया गया । दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से मनाली तक 574 किलोमीटर की दूरी को दौडक़र ,,मनाली से लेह तक 557 किलोमीटर की दूरी को सायकलिंग करके और लेह से द्रास तक 270 किलोमीटर पुनः दौड़कर 29 अगस्त 2017 को पूरा किया ,,कारगिल पहुँचर सभी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। अभी तक इतिहास में इस तरह की रेस किसी ने भी नही की है ,, इस रेसिंग रुट में दुनिया के सबसे कठिन और उनके दर्रे भी शामिल होते हैं,,लोग संशाधनों के साथ भी इन दर्रों पर जाने के लिये सौ बार सोचते हैं लेकिन सचिन ने दौड़कर और सायकलिंग कर सच में सेना के साथ साथ अपने परिवार को भी गौरवान्वित किया ,,मेजर सचिन सिंह कुंतल के बड़े भाई लेफ़्लिनेट कर्नल स्वरूप सिंह कुंतल भी एक एथलीट हैं उन्होंने ने भी पिछले ही साल ट्रायथलन में भाग लेकर आयरन मैन का खिताब अपने नाम किया था ,,दोनो ही भाई अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और बड़े भाई प्रीतम सिंह चेयरमैन महाराजा ग्रुप को देते है ,,दोनो ही भाइयों का लक्ष्य है अपने ही द्वारा बनाये गए रिकॉर्ड को तोड़ना।

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