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क्वॉरेंटाइन से महिलाएं भागी?

बाल किशन प्रजापति जतारा (टीकमगढ़)
कोरोना पॉजिटिव दो सगी बहनों के संपर्क में आई 3 महिलाओं को जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आईसीयू वार्ड में बीते शाम को भर्ती

कराया गया था लेकिन अस्पताल में भर्ती तीन महिलाएं इस बात को लेकर वहां से अपने घर भाग निकले आरोप है कि अस्पताल में भोजन नहीं मिल रहा है ।
जिससे नाराज होकर वह महिलाएं वहां से भाग गई जिन्हें बाद में फिर से पकड़वा कर भर्ती कराया गया है।
बताते चलें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में बीते शाम को बडा लिधौरा मैं कोरोना पॉजिटिव पाई गई दो सगी बहनों की परिवार की महिलाओं को उनके संपर्क में आने के बाद पूर्णा जाने के बाद जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था जो रात में अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सुबह वह वहां से भाग निकले जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने इस मामले को छुपाने का प्रयास किया लेकिन मामला जतारा एसडीएम डॉ सौरभ सोनबणे के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने इस मामले में प्रयास तेज किए और अस्पताल में भर्ती कराई गई बड़ा लिधौरा की तीनों महिलाओं को घर से पकड़वा कर आईसीयू वार्ड में क्वॉरेंटाइन कराया गया है।
महिलाओं का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें खाने के लिए ना शाम को भोजन मिला ना आज सुबह भोजन मिला जिससे नाराज होकर वह महिलाएं वहां से भाग निकले जब यह घटना घटित हो गई तो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने इस मामले को पूरी तरह दबाने का प्रयास किया लेकिन मामला फिर भी निकल कर लोगों के बीच पहुंच गया वह जन चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। जिसके बाद जतारा एसडीएम डॉक्टर सौरभ सोनबणे एन आर सी के कर्मचारियों को तत्काल निर्देशित किया है कि अस्पताल के आईसीयू वार्ड में कोरोनावायरस को भर्ती कराया गया है या अन्य व्यक्तियों को फौरन टाइम कराया गया है उनको समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी
क्या कहते अधिकारी
इस संबंध में जतारा एसडीएम डॉक्टर सौरभ सोनबणे ने बताया कि इस मामले की बात सही है जानकारी मिलने की बात जो महिलाएं भाग गई थी उनको पकड़वा कर फिर से आईसीयू वार्ड में पकड़वा का भर्ती करवाया गया है।

दिल्ली से आए मजदूर कि नहीं हुई जांच बिना जांच के ही आग निकलेगा
जतारा (टीकणगढ)
जहां एक और कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए प्रशासन के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है ।लेकिन दिल्ली से आये प्रवासी मजदूरों की नहीं हुई जांच इंतजार के बाद बिना जांच के ही मजदूर निकल गए घर चले गए जिससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही देखने को मिली है।
बताते चलें कि
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा में 11:00 बजे के लगभग प्रवासी मजदूरों को लेकर एक यात्री बस जतारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उनको लेकर आई थी और बस मजदूरों को छोड़कर वहां से रवाना हो गई लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों के ना मिलने के कारण मजदूर दिल्ली से आये मजदूरों की जांच नहीं हो सकी जिससे अब ग्रामीण क्षेत्र उनके गाँव मैं पहुंचने से लोगों को भयभीत है ।
लोगों का कहना है कि बाहर से आए प्रत्येक व्यक्ति की पहले उनकी कोरोना जांच स्वास्थ्य परीक्षण की जांच होना थी लेकिन अस्पताल में कोई भी डॉक्टर के 12:00 बजे तक ओपीडी में ना आने के कारण मजदूरों कि स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग जांच नहीं हो सकती जिस से तपती धूप में बाहर से आए लोगों को इंतजार करते रहे और स्वास्थ्य परीक्षण ना होने के बाद वह बिना जांच के ही अपने घर भाग निकले जिससे साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी लापरवाही कर रहे हैं जिसका आने वाले समय में बड़ा खामियाजा ग्रामीणों अंचल के लोगों को भी भुगतना पड़ सकता है । जबकि
संकट की घड़ी में प्रत्येक व्यक्ति के बाहर से आने के बाद जांच होना चाहिए लेकिन यहा पर ऐसा नहीं हो रहा है। जिससे लोगों में यह बात एक जन चर्चा का विषय बना हुआ है।

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