पुनीत सागर जतारा (टीकमगढ़mp)6 दिन पूर्व लापता हुए युवक के मामले में आज भी पुलिस को नहीं लगा कोई सुराग अंधेरे में तीर चला रही है टीकमगढ़ पुलिस आज भी पुलिस की करीब 4 टीमों ने तालाब और नदी के किनारे के पानी को छाना है लेकिन उसके हाथ खाली के खाली हैं आखर एक संदेही को 6 दिन बाद क्यों नहीं पकड़ पा रही है पुलिस ?क्या है वजह इस घटना की ? कौन है संदेही ?क्या उसका इतिहास है ? वही लापता हुए युवक की मां और पिता का रो रो कर बुरा हाल है उनके इस लाल को क्या हो गया है कैसे फस गया उनका लाडला इन अपराधियों के चक्कर में? इन्हीं सारे बिंदुओं पर पड़ताल करती विशेष संवाददाता पुनीत सागर की रिपोर्ट……… क्या है घटना……… टीकमगढ़ शहर की झिर की बगिया में रहने वाले सुभाष खरे का पुत्र मयंक खरे 25 सितंबर की रात्रि को घर वापस नहीं आता है देर रात्रि परिजनों द्वारा काफी खोजबीन की गई लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला तो कोतवाली पुलिस में पिता द्वारा इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई क्योंकि उसकी लास्ट बार बात परिजनों से 9:30 पर हुई थी एक दिन बाद मोहल्ले के रहने वाले इस्साक खान के ऊपर परिजनों ने बच्चे को लापता करने का संदेह जताते हुए पुलिस को लिखित में आवेदन भी दिया क्योंकि उसी दिन से इसाक खान भी लापता था इसके बाद पुलिस की जांच कछुआ चाल से चलती रही जैसा कि अन्य मामलों में होता है घटना के 3 दिन बाद भी जब युबक का कोई पता नहीं चला तो समाज के लोगों ने एकजुट होकर के एसपी को ज्ञापन सौंपा और कार्यवाही की मांग की इसके बाद कोतवाली पुलिस हरकत में आए और इसाक खान के बारे में जानकारी जुटाई गई लापता मयंक की चाचा सतीश खरे कहते हैं कि मेरा भतीजा बिल्कुल सीधा साधा था वह कोई भी गलत कार्य में नहीं रहता था घटना के दिन वह लापता हुआ जब नहीं मिला तो हम लोगों ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली पुलिस में दर्ज कराएं मोहल्ले के रहने वाले इसाक खान भी उसी दिन से लापता था इसके बाद हम लोगों ने दूसरे दिन पुलिस को लिखित में आवेदन दिया भतीजा इसहाक की दुकान पर बैठता था सतीश खरे का कहना है कि मेरे परिवार की या भतीजे की ऐसी कोई इस्साक से बुराई नहीं थी ………कौन है इसहाक खान………… जिले के बराना गांव का रहने वाला है पैसे से ड्राइवर है जो कई नेताओं की गाड़ी भी चला चुका है करीब लगभग 15 साल पहले टीकमगढ़ आ करके बस गया था इसने करीब 8 साल पहले ड्राइवर का काम छोड़ करके इसकी टोपी उसके सर का काम करना शुरू कर दिया था सूत्रों की मानें कई जालसाजी के कार्य में भी इसके संलिप्तता होने की चर्चा है चाय की दुकान सिर्फ नाम के लिए खोल रखी थी घटना के दिन के बाद से ही यह युवक लापता है …… चप्पल पेन्टऔर गाड़ी बरामद………… पुलिस सूत्रों की माने तो इसहाके एक रिश्तेदार के कहने पर मवई गांव के तालाब में दिनभर पुलिस ने छानबीन की थी जहां से पुलिस को चप्पल और पेंट मिला था लेकिन लापता हुए युवक के परिजनों ने इन दोनों चीजों को पहचानने से इंकार कर दिया था कि यह मयंक के नहीं है सूत्र बताते हैं की इसाक खान की गाड़ी भी बराना से पुलिस ने बरामद की है ………5 टीमें लगी है खोजने में……… टीकमगढ़ के प्रभारी पुलिस अधीक्षक मुन्नालाल चौरसिया कहते हैं कि युवक को ढूंढने के लिए 5 टीमें लगाइ हैं इनके साथ ही एसडीओपी स्तर के अधिकारी भी साथ में है पिछले 2 दिन से लगातार दो तालाबों की पानी छानने के बाद भी कुछ भी हाथ नहीं लगा है चप्पल और पेंट मिले हैं लेकिन अब यह कह पाना मुश्किल है की क्योंकि घटना के संदेही को पुलिस अभी तक ट्रेस नहीं कर पाई है जिस हिसाब से जांच चल रही है उस हिसाब से अनहोनी की आशंका को भी नहीं टाला जा सकता है क्योंकि घटना हुए 7 दिन हो गए हैं ना तो लापता युवक का पता चल रहा है ना ही संदेही का ऐसे में मामला और गहरा जाता है संदेही की मोबाइल की लोकेशन लास्ट बराना गांव थी वहीं से उसकी कार भी बरामद की गई है …………आज पुलिस ने संजय नगर की नदी और रत वास गांव के तालाब को दिन भर खंगाला लेकिन पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं ………तालाब नदी छानने का सपना किसने दिया पुलिस को?……… पिछले 2 दिन से पुलिस की 5 टीमें लगातार दो तालाबों को छान रही हैं तो वहीं आज एक नदी किनारे भी पुलिस ने सर्चिंग की है लेकिन सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि पुलिस को आखिरकार वह कौन व्यक्ति है जो गुमराह कर रहा है वह ठिकाने क्यों बदल रहा है क्यों उसके बयान पर पुलिस अपना समय बर्बाद कर रही है आखिरकार उस संदेही को पुलिस अभी तक क्यों नहीं पकड़ पाई है यह वह सवाल है जो पुलिस को अभी देना बाकी है क्योंकि घटना के बाद से ही लापता हुए युवक के मां-बाप और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है अगर पुलिस को अपनी साख बचानी है तो निश्चित ही जल्द से जल्द इस मामले का पटाक्षेप करना होगा तभी कह पाएंगे की देशभक्ति जनसेवा नारा है?

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